हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं। स्कूल पुस्तक विक्रेताओं की मिलीभगत से अभिभावकों की जेब काटने पर लगे हैं। ऐसे में जनपद हापुड़ के जिला विद्यालय निरीक्षक पीके उपाध्याय ने स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार किया है और प्रधानाचार्य को पत्र जारी कर आदेश दिए हैं कि 5 साल तक स्कूल का कोर्स नहीं बदला जाएगा। पाठ्यक्रम ऐसा हो जो 5 से 10 दुकानों पर मिले। इसी के साथ डीआईओएस ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020-21 में छात्रों से वसूली की फीस का 15 फ़ीसदी पैसा वर्तमान सत्र में समायोजित किया जाए अन्यथा अभिभावकों को वापस किया जाए। यदि कोई स्कूल ऐसा नहीं करता है तो अभिभावक डीआईओएस कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं जिसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
हापुड़ में भी निजी स्कूल लगातार मनमानी कर रहे हैं। नियमों को दरकिनार कर अपनी मर्जी से पाठ्यक्रम चुनकर उन दुकानों पर रखवा रहे हैं जहां से स्कूलों को अधिक कमाई हो सकती है। अभिभावकों की शिकायत है कि एक या दो दुकानों पर ही यह किताबें मिलती हैं जिसकी वजह से स्कूल प्रबंधक की जेब गर्म हो रही है। ऐसे में अभिभावकों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कड़ी चेतावनी दी है।
पांच साल तक नहीं बदला जाएगा कोर्स:
निर्देश देते हुए विभाग ने कहा कि कोविड के दौरान सत्र 2020-21 में जो फीस ली गई थी उसका 15 प्रतिशत पैसा या तो इस सत्र में समायोजित किया जाए अन्यथा छात्रों को वापस किया जाए। पांच साल तक कोर्स बदला नहीं जाएगा। साथ ही टीसी काटने पर तीन से छह महीने का अग्रिम शुल्क यदि कोई स्कूल वसूलता है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
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केयर हॉस्पिटल की ओर से रमज़ान की दिली मुबारकबाद





























