
हापुड़ नगर पालिका में हर माह 30-40 लाख रुपए की बंदरबाट
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): नगर पालिका परिषद हापुड़ में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के वेतन में से बचाए गए करीब 30-40 लाख रुपए की बंदर बांट हर माह होती है। इस बंदरबाट में पैर से चोटी तक के लोग शामिल हैं।
नगर पालिका परिषद हापुड़ में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी, कंप्यूटर ऑपरेटर, ड्राइवर, गनमैन, सुपरवाइजर, हाउस टैक्स, बिल वितरण आदि में लगे हैं। इन सभी की जिम्मेदारी नगर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने तथा परिषद के कार्य को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है। इसके बदले में नगर पालिका ठेकेदार को प्रति संविदा कर्मी को औसतन 17 हजार रुपए का भुगतान करती है जिसमें संविदा कर्मी का इपीएफ, ईएसआईसी तथा जीएसटी आदि शामिल है। सभी संविदा कर्मियों के बैंक खाते हैं जिनमें ट्रांसफर किया जाता है। यह संविदा कर्मी ठेकेदारों के माध्यम से परिषद में कार्यरत है।
संविदा कर्मियों के बैंक खातों पर ही ठेकेदार का कब्जा है। संविदा कर्मियों के एटीएम भी ठेकेदार के पास ही है। सरकारी मानदंडों के अनुसार ही संविदा कर्मियों के बैंक खातों में पैसा आता है। ठेकेदार एटीएम की मदद से सारा पैसा हर माह निकाल लेते हैं और प्रति संविदा कर्मी 8-9 हजार रुपए प्रति माह उन्हें थमा देते हैं।
नगर उपभोक्ता संघ हापुड़ के अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस सनसनी खेज घोटाले की और ध्यान आकर्षित किया है और पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है।
आशंका है कि संविदा कर्मियों के वेतन में से करीब 30-40 लाख रुपए बचाकर उसकी बंदरबाट की जाती है।
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