हापुड़, सीमन/ सू. (ehapurnews.com): जिलाधिकारी कार्यालय हापुड़ स्थित सभागार में विश्व आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस का आयोजन किया गया। कार्यकम का उद्देश्य विभिन्न प्रकार की आपदाओं से होने वाली क्षतियों को न््यून किया जाना एवं उनके प्रतिउत्तर की योजना बनाकर भविष्य में आने वाली आपदाओं से होने वाली क्षति को कम करना है।
कार्यक्रम की शुरूआत जिला आपदा विशेषज्ञ गजेन्द्र सिंह बघेल ने की। उन्होंने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्वागत करते हुए बैठक की रूपरेखा पर चर्चा की और बताया कि विभिन्न आपदाओं के स्वरूप के अनुसार अलग-अलग योजना बनाकर सम्पूर्ण जनपद के लिये एक आपदा प्रबंधन योजना बनायी जाएगी जिससे किसी भी प्रकार की आपदाओं से निपटने के लिये हम तैयार हो सकें।
कार्यक्रम के अगले सत्र में जिला पंचायत राज कार्यालय के जिला समन्वयक गोपाल राय ने विभिन्न आपदाओं में युवाओं की भूमिका एवं अन्य सहयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आपदाओं को न केवल कम करना है बल्कि उनसे होने वाले जान-माल के नुकसान को भी भरसक खत्म कर देना है। राय ने कहा कि आपदाओं में स्वास्थ्य विभाग की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है जिस बावत उनका कर्तव्य है कि अधिक से अधिक ग्रामीण एवं समस्त युवाओं को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देकर दक्ष बनायें। घरेलू आपदाओं पर प्रकाश डालते हुये उन्होंने कहा कार्यक्रम में आपदाओं के स्वरूप पर चर्चा की गयी। आपदाओं से होने वाली क्षति, उनके दुष्परिणामों के कारण समुदाय का भारी नुकसान आदि पर विस्तृत चर्चा किया गया। घरेलू आपदाओं पर उन्होंने प्रकाश देते हुए कहा कि घरेलू महिलाएं पूरे दिन और पूरी रात घर में ही रहती हैं जिसकी वजह से आपदा प्रबंधन की सबसे पहले उनको जानकारी होनी चाहिए किस प्रकार आपदाओं से बचना है किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने पर सहायता कहां से लेनी है घर का मेन स्विच कहां से बंद होगा गैस सिलेंडर को किस प्रकार से बुझाया जाए इत्यादि चीजों की जानकारी प्रत्येक घर की महिलाओं को होना चाहिए।
जिला पंचायत राज अधिकारी महोदय द्वारा आपदाओं के स्वरूप पर चर्चा करते हुए कहा गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर आपदा प्रबंधन की समितियां बनाया जाना तथा युवाओं को प्रशिक्षित कर किसी भी प्रकार की होने वाली आपदा में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटित आपदा से होने वाली क्षतियों एवं जान माल के नुकसान को कम किया जा सके उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किए जाने वाले आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम में जो भी निर्णय लिया जाएगा उस पर पंचायत राज विभाग पूरी तरह से सहयोग एवं समर्थन करेगा। जिस स्तर पर भी जरूरत होगी हमारे कार्यकर्ता हमारे अधिकारी एवं कर्मचारी सहयोग करेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में समय उपस्थित होकर आपदा न्यूनीकरण के लिए प्रयास करेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा ने बताया कि आज के समय में सबसे संवेदनशील अस्पताल हो गए हैं जिन में मरीजों की संख्या बहुत और निकास द्वार एवं प्रवेश द्वार बहुत ही छोटे छोटे हैं। किसी भी प्रकार की आपदा जैसे कि भूकंप आगजनी इत्यादि होने पर भगदड़ की स्थिति में लोग इन छोटे रास्तों से या सकरी गलियों से निकल नहीं सकते। भविष्य में बनाए जाने वाले अस्पतालों की योजना आपदा की संवेदनशीलता को देखते हुए की जानी चाहिए उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे लोगों की जागरूकता बढ़ रही है जो बहुत ही सराहनीय है। उन्होंने महिलाओं की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि घर में महिलाएं ज्यादातर समय किचन एवं कमरों में भी व्यतीत करती हैं जोकि किसी न किसी रूप में संवेदनशीलता का स्थल होता है।
मनु शर्मा ने बताया कि घरों में अग्निशमन यंत्र लगाया जाना भी एक आपदा न्यूनीकरण का तरीका है। उन्होंने दिल्ली में हुई होटल अग्निकांड की घटनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि आपदाएं केवल प्रत्यक्ष रूप से नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से भी जान माल माल की क्षति करती है। आपदा विशेषज्ञ गजेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि शीतलहर के समय में कोहरे से सड़कों पर दूध छा जाती है जिसके कारण सड़कों पर चलने वाले वाहनों में दुर्घटना का स्तर बढ़ जाता है। इसकी रोकथाम के लिए सभी गाड़ियों के पीछे लाइट रिफ्लेक्टर तथा सड़कों पर जगह-जगह बने रोड कट पर मिनी पोल रिफ्लेक्टर लगाया जाना चाहिए। इस पर उपजिलाधिकारी सदर द्वारा आदेशित किया गया कि पीडब्ल्यूडी एवं अन्य विभागों से रोड कटर एवं जगह-जगह रिफ्लेक्टर लगाने के लिए कहा जाए।
स्वरूप माना जाए तो ठीक उसी स्वरूप में है लेकिन बढ़ते निर्माण कार्य एवं शहरीकरण ने आपदाओं के स्वरूप
कार्यक्रम के अंत में प्रशासनिक अधिकारी साधना सक्सेना ने कार्यक्रम में आए सभी अधिकारी, कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापन किया और उन्होंने भविष्य में किए जाने वाले बैठकों में संपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने का निवेदन किया।
इस दौरान उपजिलाधिकारी सदर प्रहलाद सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा, पंचायत राज अधिकारी विरेन्द्र सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी साधना सक्सेना, आपदा विशेषज्ञ गजेन्द्र सिंह बघेल, नायब नाजिर राहुल चौधरी, गोपाल राय, पवन कुमार, सुरेश यादव, पुश्पंकर देव, राम कुमार, राकेश शर्मा, गिरीश चन्द्र, सूर्य प्रताप, सुबोध कुमार, श्याम लाल, सुरेश सोनी, शिवा सिंह, डा0 जे.पी. त्यागी, विनोद कुमार, जावेद, सोमेश सिंह, राजीव जोशी आदि उपस्थित रहे।



























