हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ में बिचौलियों की सक्रियता के कारण गेहूं का सरकारी खरीद लक्ष्य पिछड़ गया और गेहूं खरीद में लगी एजैंसियों को करीब 80 प्रतिशत पर ही सब्र करना पड़ा। खास बात यह है कि सरकारी गेहूं खरीद का मूल्य बाजार भाव से 100 रुपए ऊंचा होने के बाद भी लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।
इस वर्ष गेहूं का सरकारी खरीद मूल्य 1,925/- रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया और जनपद हापुड़ में तीन एसैंसियों के 25 क्रय केंद्र खोले गए और खरीद लक्ष्य 15 हजार मीट्रिक टन तय किया गया। गेहूं खरीद 15 अप्रैल से 30 जून तक चली और 11950.96 मीट्रिक टन गेहूं खरीद गया, जो लक्ष्य पूर्ति के मुकाबले 79.67 प्रतिशत ही है।
बता दें कि जनपद हापुड़ में गत वर्ष 11966 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार गेहूं की बम्पर फसल होने के बाद भी गत वर्ष के मुकाबले 15.04 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कम हुई है।
कोविड-19 के कारण आटे की मारा-मारी रही और उपभोक्ता ऊंचे दामों पर भी आटा ज़रुरत से ज्यादा खरीद रहा था जिस वजह से बिचौलिए सक्रिय रहे और उन्होंने किसानों को अपने मोह जाल में फंसाए रखा और क्रय केंद्रों तक गेहूं नहीं पहुंचने दिया। जमाखोरों के विरुद्ध भी प्रशासन व विपणन विभाग ने कोई अभियान नहीं चलाया।
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