
हापुड़, सीमन / अमित कुमार (ehapurnews.com): हापुड़ के तत्वावधान में आयोजित श्री रामलीला महोत्सव 2026–27 के अंतर्गत गुरुवार को रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों का भव्य एवं भावपूर्ण मंचन किया गया। इससे पूर्व नगर में निकाली गई ताड़का की आकर्षक झांकी एवं विशाल पुतले ने नगरवासियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। रामलीला मंचन में विश्वामित्र आगमन, ताड़का एवं सुबाहु वध, अहल्या उद्धार, सियापति मिलन तथा पुष्प वाटिका-फुलवारी लीला का सुंदर प्रदर्शन किया गया। व्यास श्री पवन देव चतुर्वेदी के प्रभावशाली संवाद-वाचन और कलाकारों के जीवंत अभिनय ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान व्यास जी ने बताया कि विश्वामित्र मुनि के साथ प्रभु श्रीराम का वन गमन और यज्ञ रक्षा का प्रसंग गुरु सम्मान, कर्तव्यनिष्ठा तथा धर्म की रक्षा का संदेश देता है। वहीं अहल्या उद्धार की लीला प्रभु श्रीराम की करुणा, दया और नारी सम्मान का प्रतीक है। पुष्प वाटिका में श्रीराम और माता सीता के प्रथम मिलन के माध्यम से मर्यादा, संस्कार और भारतीय संस्कृति के आदर्श मूल्यों को दर्शाया गया।समिति पदाधिकारियों ने बताया कि ताड़का वध का प्रसंग अधर्म, अत्याचार और नकारात्मक शक्तियों पर धर्म एवं सत्य की विजय का प्रतीक है। नगर में निकाली गई ताड़का की झांकी को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। लीला मंचन के उपरांत ताड़का के पुतले का दहन भी किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। रामलीला मैदान जय श्रीराम के उद्घोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए भावपूर्ण लीलाओं का आनंद लिया। समिति ने नगरवासियों से आगामी कार्यक्रमों में भी अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर देवेन्द्र कुमार, रविंद्र गुप्ता, नन्हे मल ठेकेदार, विनोद कुमार वर्मा, उमेश अग्रवाल, शुभम गोयल, सुयश वशिष्ठ, नवीन गुप्ता, विमल वर्मा, प्रदीप सोनी, अंकुर गर्ग, रितिक त्यागी, गौरव बजरंगी, विवेक सिंघल सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।




















