हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनपद हापुड़ में तस्करी की शराब की बिक्री बढ़ने से आबकारी राजस्व में 8-10 प्रतिशत तक की गिरावट आई है जिससे आबकारी अफसरों की नींद उड़ गई है। दिल्ली व हरियाणा से शराब की तस्करी थामे नहीं थम रही है।
वैसे तो आबकारी इंस्पेक्टर, जीएसटी टीम ने छिजारसी टोल पर वाहनों की चैकिंग का कड़ा जाल बिछा रखा है और वाहनों की जबरदस्त चैकिंग की जा रही है। फिर तस्करी की शराब हाथ नहीं लग रही है। आखिर वे कौन से मार्ग हैं जिनसे शराब की तस्करी हो रही है।
कबाड़ी हैं सूत्र- शराब की खाली बोतलों का धंधा करने वाले कबाड़ियों के ठिकानों को देखा जाए तो उनमें 50 प्रतिशत वारदाना ऐसा होगा तो तस्करी की शराब का होगा। यह कबाड़ी ही बता सकते हैं कि शराब की खाली बोतल किस-किस ठिकाने से खरीदी हैं।
होम डिलीवरी देते हैं तस्कर- देशी व विदेशी शराब की तस्करी में लिप्त धंधेबाज शराब की होम डिलीवरी देते हैं। विवाह- शादी, सालगिरह व अन्य खुशी के मौकों पर होने वाली शराब पार्टियों में ये तस्कर ही होम डिलीवरी देते हैं।
पुलिस जांच करे तो खुल सकती है पोल- बात एक सप्ताह पहले की है कि जब कुछ साहबजादो के ठिकाने पर विदेशी तस्करी की शराब परोसी गई और सुंदरियां अश्लील नृत्य कर रही थी जिस पर कुछ लोगों ने आपत्ति की तो हंगामा खड़ा हो गया। थाना हापुड़ देहात पुलिस निष्पक्ष होकर पूरे मामले की जांच करें तो होम डिलीवरी करने वाला शराब तस्कर पुलिस हत्थे चढ़ सकता है।
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