
शारदीय नवरात्रि अष्टमी व्रत 19 अक्टूबर सोमवार को शास्त्रसम्मत दशहरा 20 को दोपहर 12.50 के बाद – भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): शारदीय नवरात्रि पर्व पर अष्टमी व्रत एवं दशहरा पूजन पर्व को लेकर चल रहे संशय को दूर करते हुए भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा ने स्पष्ट किया कि नवरात्रि तिथि वृद्धि होने से अष्टमी व्रत 19 अक्टूबर सोमवार को ही शास्त्रसम्मत पूर्ण शुभ फलदायक है तथा नवमी व्रत 20 अक्टूबर को तथा दशहरा पूजन 20 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 12.50 के बाद श्रवण नक्षत्र, रवियोग, विजय मुहूर्त में किया जाएगा महासभा विद्वानों की राजेंद्रनगर स्थित प्रधान कार्यालय पर बैठक के बाद महासभा द्वारा प्रेसवार्ता किया गया महासभा अध्यक्ष पंडित के0 सी0 पाण्डेय काशी वाले ने धर्मग्रंथों के उदाहरण के साथ निर्णय की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर सुबह 8.28 बजे से प्रारम्भ होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10.51 तक है निर्णयसिंधु व धर्मसिंधु में स्पष्ट लिखा है शरन्महाष्टमी पूज्या नवमीसंयुता सदा सप्तमीसंयुता नित्यं शोकसन्तापकारिणीम् ।।सप्तमी कलया यत्र परतश्चाष्टमी भवेत्। तेन शल्यमिदं प्रोक्तं पुत्रपौत्रक्षयप्रदम् ।।
तथा- प्रत्रान इन्ति प्रशन हन्ति राष्ट्र हन्ति सराज्यक्रम। हन्ति जातानजातांश्च सप्तमीसहिताष्टमी ।।अर्थात शरदकाल में नवमी तिथि से युक्त महा-अष्टमी पूज्य होती है। सप्तमी तिथि से युक्त अष्टमी तिथि व्रत करने से नित्यशोक तथा दुःख प्राप्त होता है जहाँ पर कलामात्र सप्तमी से युक्त अष्टमी हो, उसी को शल्य कहा जाता है। जो पुत्र और पौत्र के क्षय को करनेवाली है सप्तमी सहित अष्टमी व्रत से पुत्र, पशु, राज्य और राष्ट्र का नाश होता है इसलिए नवमीयुक्त अष्टमी व्रत करें नवरात्रि व्रत रखने के लिए उदयातिथि ही शास्त्रसम्मत बताया गया है इस बार तिथि वृद्धि होने से 17 और 18 अक्टूबर दो दिन सप्तमी व्रत पूजन होगा जबकि 18 अक्टूबर को सप्तमी विद्धा अष्टमी व्रत धर्मग्रंथों में निषेध होने से अष्टमी व्रत 19 अक्टूबर सोमवार को किया जाएगा तथा 19 अक्टूबर को ही रात्रि में महानवमी निशापूजन किया जाएगा नवमी तिथि 19 अक्टूबर को सुबह 10.51 बजे से प्रारम्भ होकर 20 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 12.50 तक है अतः 20 अक्टूबर को नवमी व्रत, कन्या पूजन किया जाएगा पंडित के0 सी0 पाण्डेय ने बताया कि 20 अक्टूबर को ही दोपहर 12.50 के बाद दशमी तिथि श्रवण नक्षत्र युक्त प्राप्त होने से दशहरा पूजन किया जाएगा विजय मुहूर्त में अपराजिता पूजन तथा सीमोलाँघन भी किया जाएगा 20 अक्टूबर को नवमीविद्धा दशमी होने से नवरात्रि व्रत पारण 21 अक्टूबर बुधवार सुबह सूर्योदय के बाद किया जाएगा निर्णय में समन्वयक पंडित अजय पाण्डेय, कोषाध्यक्ष पंडित मित्र प्रसाद काफ्ले, प्रवक्ता पंडित प्रशांत वशिष्ठ,महामंत्री अनिशा सोनी पाण्डेय, लेखा निरीक्षक पंडित अमर प्रकाश पाण्डेय, पंडित शैलेन्द्र अवस्थी, पंडित शिवम शुक्ला, डॉ0 वासुदेव शर्मा, पंडित जगदम्बा शर्मा, पंडित देवी प्रसाद तिवारी, पंडित गौरव कौशिक सहित सभी महासभा विद्वानों ने एकमत से सहमति व्यक्त की.
गाय व भैंस के दूध का शुद्ध घी खरीदने के लिए संपर्क करें: 9068607739

























