हापुड़, सीमन (ehapurnews.com ) : श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराते हुए राजस्थान के कथावाचक श्री गोपाल मोहन भारद्वाज ने मंगलवार को हापुड में कहा कि जब भी धरा पर असुर शक्तियों का प्रभाव बढ़ने लगा है तब दुष्टों का नाश करने हेतु प्रभु के अवतार इस धरा पर जन्म लेते हैं। भगवान श्री कृष्ण का जन्म दुष्टों के नरसंहार हेतु ही इस धरा पर हुआ।
श्री राधाकृष्ण संकीर्तन मंडल हापुड़ के 30वे वार्षिकोत्सव पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन जैसे ही कथावाचक ने कथा स्थल पर प्रवेश किया तो श्रद्धालुओं ने खड़े होकर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और कथा स्थल सनातन धर्म की जय हो, विश्व का कल्याण हो, के उद्घोष से गूंज उठा।
कथा वाचक श्री गोपाल मोहन भारद्वाज ने भगवान श्री कृष्ण जन्म व नंद उत्सव का संजीव वर्णन करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण संदेश आज भी सार्थक हैं। उनके संदेशों का पालन करने से ही विश्व में शांति स्थापित हो सकती है। राजनेता स्वार्थ वंश समाज में जाति धर्म का भेदभाव कर लोगों को बांटने में लगे हैं, परंतु भगवान श्री कृष्ण की लीलाएं लोगों को जातीयता से ऊपर उठकर एकजुट रहने का संदेश देती है।
श्री कृष्ण का संदेश पर्यावरण संरक्षण का है उसे मानकर नए वृक्ष लगाए और उनकी रक्षा करें समबुद्धि, सम भाव ही श्री कृष्ण का संदेश है। लड़ाई, झगड़े, दंगा फसाद तो मानव को गड्ढे में धकेलते हैं। आचार्य मनु गोपाल भारद्वाज ने हनुमान चालीसा के पाठ के साथ श्रीमद् भागवत कथा प्रारंभ कराई। संगठन की ओर से गिरीश शर्मा, मनीष कुमार, रामकिशन सर्राफ, जगदीश राम, विपिन गोयल आदि ने कथा वाचक का स्वागत किया।





























