
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में तहसीलदार ने एक पक्ष को विवादित जमीन से बेदखल करने का आदेश पारित किया था और एक लाख 20 हजार चार सौ 88 रुपए का हर्जाना भी लगाया लेकिन तहसीलदार ने इसका कारण नहीं लिखा। इसके बाद वह पक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा और दलील दी कि तहसीलदार की ओर से बिना कोई कारण दर्ज किए आदेश पारित किया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने याची को राहत दी है और तहसीलदार का विवादित भूमि से याची को बेदखल करने का आदेश रद्द कर दिया है। कहा कि दोनों पक्षों को सुनने के बाद चार महीने में नया आदेश पारित करें।
तहसीलदार ने 29 जनवरी 2024 को याची को विवादित जमीन से बेदखल करने का आदेश पारित किया था। कहा कि याची ने ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है। हर्जाना भी लगाया गया और आदेश में कोई कारण दर्ज नहीं किया गया था। ऐसे में याची ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची के वकील राकेश त्रिपाठी ने दलील दी कि तहसीलदार की ओर से बिना कोई कारण दर्ज किए आदेश पारित किया गया है। हर्जाना लगाने का कारण भी नहीं लिखा है। ऐसे में न्यायालय ने कहा कि बिना कारण दर्ज किए आदेश पारित करना न्याय का उल्लंघन है। न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने हापुड़ के तहसीलदार का विवादित भूमि से याची को बेदखल करने का आदेश रद्द कर दिया है।
मैक्स हॉस्पिटल के पूर्व चिकित्सक डॉ. अभिषेक शर्मा (E.N.T.) अब हापुड़ में: 9927827214
























