हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ की इन्द्रलोक कॉलोनी में चल रही संगीतमय शिव महापुराण के पंचम दिन व्यास पंडित मोहित भारद्वाज जी ने भगवान गणेश जन्मोत्सव कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव के गणों के अध्यक्ष होने के कारण इन्हें गणेश और गणाध्यक्ष भी कहा जाता है। भगवान गणेश को मंगलमूर्ति भी कहा जाता है क्योंकि इनके सभी अंग जीवन को सही दिशा देने की सीख देते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान को रुपये नहीं अपने कर्म पुण्य जोड़ने चाहिए। कर्म पुण्य इंसान के अगले जन्म में काम आते है। दुनिया में सब चीजे खरीदीं जा सकती है लेकिन विश्वास नहीं खरीदा जा सकता है। पंडित मोहित भारद्वाज ने कहा कि भगवान गणेश को वेदों में ब्रह्मा, विष्णु और शिव के समान आदि देव के रूप मे वर्णित किया गया है। भगवान गणेश सभी देवो में पृथम पूज्य है। इस अवसर पर भगवान गणेश जी की सुन्दर झांकी का आयोजन भी किया गया। झांकी के दोरान सभी भक्तों ने नृत्य कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। कथा से पहले भक्तों ने भगवान भोले बाबा का रुद्राभिषेक किया। इस दौरान ब्यास पंडित मोहित भारद्वाज, पंडित यश कुमार, विनोद, भूपेश, मूल चंद, सीमा, सोनिया, पायल, पारुल, अभिषेक, श्याम, लीलू,प्रदीप, पिंकी, प्राची, सुनीता, भोजवीर, मंजू, चंचल, मोनिका, वंदना, प्रीति, प्रशांत गर्ग, तरुण कंसल, नरेश कुमार, सहित सैकडो भक्त शामिल हुए।






















