नहीं थम रहा राशन की कालाबाजारी का धंधा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती के बावजूद जनपद हापुड़ में राशन की उपभोक्ता साम्रगी की कालाबाजारी का धंधा थामे नहीं थम रहा है, बस फर्क इतना पढ़ा है कि धंधेबाजों ने धंधा करने का तौर-तरीका बदल लिया है और इस धंधे में पूरी तरह कालेधन का निवेश हो रहा है। उपभोक्ता सामग्री गेहूं, चावल व बाजरा का 50 प्रतिशत से अधिक माल ब्लैक में बिक रहा है और माफियों की मौज आ रही है। राशन की मांग को लेकर उपभोक्ता जिला मुख्यालय के चक्कर काटते रहते है।
कैसे होता है कारोबारः चालाक राशन डीलर उपभोक्ता सामान का कुछ अंश अपने पास रख लेते हैं और गांवों में तो पूरा राशन ही खा जाते हैं।
राशन डीलर गेंहू व चावल व बाजरा की पलटी निजी वारदाने में करके पक्का बाग व भगवती गंज के माफियों के यहां पहुंचा देते हैं। ये माफिया गेंहू व चावल आटा चक्कियों व आटा मिलों को पहुंचा देते हैं। कालाबाजारी के इस धंधे में ई-रिक्शा, श्री व्हीलर, टाटा-407, छोटा हाथी, बाइक आदि वाहनों का प्रयोग किया जाता है। हापुड़ खपत की मंडी होने के कारण जनपद हापुड़ सहित मेरठ, बुलन्दशहर व गंगा पार की मंडियों से भी गेंहू, चावल यहां पहुंच रहा है। राशन का चावल हरियाणा तक भेजा जाता है पिछले दिनों बागपत में हापुड़ का राशन का चावल पकड़ा भी गया था और हापुड़ के व्यापारियों के विरुद्ध मुकद्दमा दर्ज हुआ था।
स्टोर के ठिकानेः राशन के गेहूं व चावल का भंडारण पक्का बाग व मोदी अस्पताल परिसर के गोदाम, जरौठी रोड व श्यामपुर रोड पर अवैध रुप से बने गोदाम है। जहां रात 2 बजे से गेहूं, चावल पहुंचना शुरू होता है और भोर तक चलता रहता है। गेहूं व चावल पुराना तथा सूखा होने के कारण मांग अधिक है। जरौठी रोड, स्वर्ग आश्रम रोड तथा इंद्रलोक कालोनी के गोदाम भी स्टोर व खपत के ठिकाने हैं। कुछ धंधेबाज राशन के गेहूं के आटे को एमपी की गेहूं का आटा बताकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। इससे पूर्व कई आरोपी पकड़े भी जा चुके हैं, परन्तु छूटने के बाद उनका धंधा फिर चमकने लगता है। कालेधन का निवेशः राशन के गेहूं व चावल का धंधा पूरी तरह से अवैध है, इसलिए इस धंधे में पूरी तरह से कालेधन का निवेश हो रहा है, क्योंकि यह धंधा नकदी पर टिका है।
सूत्र बताते हैं कि इस कारोबार में करोड़ों रुपए के कालेधन का निवेश है। गढ़ रोड का एक धर्म कांटा है, जहां राशन से भरे गेंहू व चावल से भरे वाहन तोले जाते हैं, और माल गोदाम में पहुंचने के बाद ही इसी धर्मकांटे पर नकदी का भुगतान किया जाता है।
असरदार नेताओं का संरक्षणः राशन के गेंहू व चावल के धंधे में लिप्त माफियों ने कुछ असरदार नेताओं को पाल रखा है जो पुलिस व प्रशासन में अपनी पहुंच बताते हैं। माफिया इन नेताओं का उपयोग अन्य लोगों को डराने धमकाने में करते हैं और कहते हैं कि तुझे भी हम पकड़वा देंगे।
मंडी पक्का बाग के एक गेंहू माफिया के घर व प्रतिष्ठान पर नेताओं का आना जाना है। नागरिकों ने राशन की उपभोक्ता सामग्री के कालाबाजारियों के विरुद्ध कड़े कदम उठाने की मांग की है।
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