
15 लाख तक चैक का पता नहीं, अब सवा लाख का बिल भेजा
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ बिजली विभाग के कारनामे एक के बाद एक सामने आते ही रहते है जिससे उपभोक्ता भौंचक्का रह जाता है। अब एक ऐसा कारनाम सामने आता है जो विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही को उजागर कर रहा है। आइए, आपको बताते है क्या है पूरा मामला रघुनाथगंज निवासी विनोद सचदेवा में अधीक्षण अभियंता को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनका विद्युत बिल 1 लाख 24 हजार 314 रुपये विद्युत विभाग ने भेजा है, जबकि प्रतिमाह उनका बिल 5 से 6 हजार रुपये आता है। विद्युत निगम कायालय में जानकारी की तो बताया गया कि 25 जून 2010 में उनके पिता पृथ्वीराज सचदेवा ने चेक से 27 हजार 746 रुपये का बिजली का बिल जमा किया था, लेकिन चेक चाउंस हो गया। इसका ब्याज लगाकर निगम द्वारा बिल भेजा गया है। विनोद ने बताया कि उनके पिता की नौ साल पहले मौत हो चुकी है। इसके चलते चेक और बैंक से अकाउंट की डिटेल मिल पाना मुश्किल हो रहा है।
अधीक्षण अभियन्ता हापुड़ सुधीर का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। शिकायती पत्र की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित एई से चेक के संबंध में जानकारी मांगी गई है। यह भी जांच कराई जाएगी कि 15 साल तक चेक क्यों नहीं लगाया गया।
निगम ने चेक लगाया ही नहीं- पृथ्वीराज सचदेवा ने 25 जून 2010 में बिजली बिल के लिए बैंक दिया था. लेकिन 15 साल तक निगम ने भुगतान के लिए चेक को लगाया ही नहीं। हर माह के बिल में पुराना बकाया लिखा आता है, जबकि इस केस में उपभोक्ता के बिल पर बकाया लिखकर नहीं आ रहा था। हापुड़ में विद्युत घोटाले को लेकर अब तक कई अधिकारी सस्पेंड हो चुके हैं। इसके बाद भी पुराने मामले निपटने का नाम नहीं ले रहे हैं।
20% तक प्राइवेट बुक्स, 30% तक नोटबुक्स पर छूट: 9528182700 || 10 वर्षों से आपकी सेवा में विशाल किताब घर

























