हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की एक लापरवाही सामने आई है जहां एचपीडीए ने वर्ष 2009 में सीतापुर के अपूर्व सक्सेना से भूखंड के लिए 5.05 लाख रुपए जमा करा लिए लेकिन उसके बावजूद भी आज तक भूखंड नहीं दिया है। ऐसे में पीड़ित ने राज्य उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया जिसके प्रीसाईडिंग जज राजेंद्र सिंह और सदस्य विकास सक्सेना ने सुनवाई के बाद पीड़ित को विभिन्न मदों को मिलाकर करीब 60 लाख रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया है।
अपूर्व सक्सेना के अनुसार उसने वर्ष 2009 में प्राधिकरण को रुपए दिए थे जिसकी शर्तों के मुताबिक आखिरी किश्त देने के तीन महीने के अंदर भूखंड मिल जाना था। पीड़ित ने कुल 5.05 लाख रुपए एचपीडीए को दिए लेकिन उसके बावजूद भी भूखंड नहीं मिला। कई बार शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने नहीं सुनी। ऐसे में पीड़ित ने राज्य उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की। आयोग ने आदेश दिया कि पारिवादी को 5.05 लाख 12% वार्षिक साधारण ब्याज के साथ 30 दिन में प्राधिकरण अदा करें। मानसिक यंत्रणा, पीड़ा और अवसाद के मद में 10 लाख रुपए 12% ब्याज के साथ 4 जुलाई 2012 से अदा करें। सेवा में कमी और किराए में क्षति के मद में 4 जुलाई 2012 से 10 लाख रुपए 12% ब्याज के साथ अदा करें। इसी के साथ प्राधिकरण परिवाद को भूखंड के वर्तमान बाजार मूल्य जिसकी गणना एक लाइसेंसी वैल्यूर से कराई जाएगी 30 दिन में अदा करें अन्यथा विपक्षी को 28 लाख रुपए का वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार अदा करना होगा।
दिल्ली की डॉ शूची तनेजा दुआ अब हापुड़ शहर में : 7017732103






























