हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनसंख्या नियंत्रण कानून बनवाने के उद्देश्य से जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन द्वारा उत्तर प्रदेश जनसंख्या अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 66 जिलों में जारी जनसंख्या समाधान यात्रा 4 दिसम्बर को गाजियाबाद से चलकर मंगलवार को हापुड़ पहुंची। इस यात्रा का हापुड में पिलखुआ से लेकर बाबूगढ तक 25-30 स्थानों पर संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं और लोगों ने स्वागत किया।हापुड़ के आर्य समाज मंदिर पर एक सभा का आयोजन किया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल चौधरी ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अशिक्षा और आठ-आठ बच्चे पैदा करने की प्रवृत्ति के कारण देश में जनसंख्या का असंतुलित और अनियंत्रित विस्फोट हो रहा है। जिससे देश में बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी और कुपोषण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।उन्होंने कहा कि भारत विश्व की लगभग 18% जनसंख्या का भार वहन कर रहा है, जबकि आबादी के अनुपात में हमारा भूभाग बहुत कम यानि लगभग 2.4 % है और जल भी विश्व का मात्र 4% है। यही कारण है कि सरकार के तमाम उपायों के बावजूद भी देश में बेरोजगारी और गरीबी की समस्या बढ़ रही है। जनसंख्या असंतुलन की इस समस्या के समाधान के लिए देश के सभी नागरिकों के लिए जाति, धर्म, क्षेत्र व भाषा से ऊपर उठकर समान रूप से एक कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू होना अति आवश्यक है।
देश के इस गंभीर विषय पर सभी राजनीतिक दलों को एकजुट हो जाना चाहिए। देश की जनता में इस विषय को लेकर एक अंडरकरंट चल रहा है जो कि दिन प्रतिदिन बढता ही जा रहा है और जो भी दल जनसंख्या नियंत्रण कानून का विरोध करेगा, देश की जनता उसका सफाया कर देगी।
संगठन के के ज़िलाध्यक्ष हापुड़ राजेन्द्र गुर्जर ने बताया कि जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन अपने उत्तर प्रदेश जनसंख्या अभियान के अन्तर्गत प्रदेश के 66 जिलों में रथयात्रा निकालकर जिले-जिले सभा करके लोगों को एकजुट कर रहा है। 28 दिसम्बर को अयोध्या में प्रस्तावित समापन सभा सहित प्रदेश की बड़ी सभाओं में संगठन के मुख्य संरक्षक इन्द्रेश कुमार सहित देश व प्रदेश के अनेक महत्वपूर्ण लोग भी भाग लेंगे।
सभा को संगठन के महासचिव सुन्दर कुमार आर्य,महिला मोर्चा की ज़िलाध्यक्ष श्रीमती इशवर कुमारी सिसोदिया,भारतीय किसान युनियन भानू के ज़िलाध्यक्ष पवन हूण, संगठन की राष्ट्रीय संयोजक ममता सहगल, राष्ट्रीय महासचिव धर्मेन्द्र धामा, सुनील शर्मा, सुधीर शर्मा, योगेन्द्र सिंह अरोड़ा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शैलेश तोमर, रविन्द्र गुर्जर, मनुपाल बंसल, विनोद भाटी, रामबाबू धामा आदि वक्ताओं ने कहा कि जातिवाद की गहराती जड़ें देश के लिए खतरनाक हैं। भारत को अखंड भारत बनाकर भारतीय संस्कृति को विश्व का मार्गदर्शक बनाना है तो जातिवाद से ऊपर उठकर कण कण में श्रीराम को खोजने और मानने वाली संस्कृति को आपस में वैमनस्य समाप्त करके एकजुट होना ही होगा।
संगठन के कार्यकर्ता यह अपेक्षा करते हैं कि सरकार समय रहते यह कानून बनाए और अगर अभी ऐसा करने में कोई तकनीकी व्यवधान हो तो इस विषय को अपने घोषणापत्र में शामिल करके नई सरकार का गठन होने पर सर्वप्रथम राष्ट्रहित का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और अति आवश्यक जनसंख्या विषयक कानून बनाकर उसे लागू करे।

























