जनपद हापुड़ में प्रशासन ने शराब के कुछ ठेकों को सात बजे से सशर्त खोलने की इजाजत दी। लेकिन मज़े की बात यह रही कि शराब खरीदने के लिए लोगों का हुजूम सात बजे से पहले ही शराब की दुकानों पर पहुंच गया जो कि सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को नज़रअंदाज करता हुआ दिखा। एक तरफ प्रशासन लॉकडाउन (Lockkdown) में किसी भी तरह की छूट नहीं देने की बात कर रहा हैं वहीं दूसरी तरफ वो आंख मीच कर बैठा है। प्रशासन ने आनन-फानन में शराब के ठेकों को खोलने की इजाजत तो देदी लेकिन हापुड़ की जनता Hapur News के माध्यम से शराब के ठेके खोले जाने के संबंध में कुछ प्रश्न कर रही है:-
सवाल 1: आनन-फानन में शराब के ठेके खोलने के आदेश क्यों दिए गए?
सवाल 2: रविवार रात को जारी की गई गाइंडलाइंस में ही इस विषय के बारे में क्यों नहीं लिखा गया?
सवाल 3: पूरी तैयारी के साथ ठेके क्यों नहीं खुले?
सवाल 4: सभी ठेकों के बाहर सफेद रंग के गोले क्यों नहीं बनाए गए?
सवाल 5: सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से क्यों नहीं कराया गया?
सवाल 6: क्या शराब की दुकानों का खुलने से पहले भौतिक सत्यापन किया गया था? (ehapurnews.com)
सवाल 7: प्रशासन की इस लापरवाही से अगर जिले में कोरोना (Corona) के मामले बढ़े तो ज़िम्मेदार कौन होगा?



























