हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनपद हापुड़ की अपर जिला जज/विशेष न्यायधीश पोक्सो एक्ट हापुड़ श्वेता दिक्षित ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाया। छह वर्षीय नाबालिक बच्चे के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाने और उसकी हत्या के प्रयास के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया जिसे आजीवन कारावास तथा 35,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
बता दें कि मामला जनपद हापुड़ के थाना पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ले का है जहां 6 वर्षीय बच्चे के पिता ने तहरीर दी कि उसका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। इसी बीच पास का रहने वाला चांद पुत्र जान 24 दिसंबर साल 2020 की रात को उसे बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाएं। गलत काम करने के बाद उसकी हत्या का प्रयास किया। तहरीर के आधार पर पिलखुवा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने 5M/6 पॉक्सो एक्ट तथा आईपीसी की धारा 377 व 307 में मुकदमा दर्ज किया।
मामले की सुनवाई न्यायालय में शुरू हुई जहां न्यायाधीश श्वेता दीक्षित ने आरोपी को दोषी मानते हुए धारा छह लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत दोषी चांद को आजीवन कारावास तथा 20,000 के अर्थदंड से दंडित किया, धारा 377 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया तो वहीं धारा 307 के अंतर्गत 7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5,000 के अर्थदंड से दंडित किया है। पीड़ित को 2,00,000 की धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हापुड़ तथा अर्थदंड की 80% धनराशि दी जाएगी।
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