
केश लोचन दिगम्बर जैन मुनि की तपश्चर्या का अंग-आचार्य नमोस्तु सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन(Ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि श्री 108 आचार्य नमोस्तु सागर जी महाराज का रविवार को नमोस्तु भवन पर केश लोचन हुआ। गुरू भक्तो को केश लोचन के उपरांत आचार्य नमोस्तु सागर जी महाराज ने कहा कि दिगम्बर जैन मुनिराज समाज के अन्य सन्तो से भिन्न होते हैं उनकी दिनचर्या तप,संयम, त्याग से परिपूर्ण होती है। केश लोचन दिगम्बर मुनिराज की तपश्चर्या का ही एक अंग है, 2 माह से 4 माह के मध्य दिगम्बर जैन मुनि अपने बालो का केशलोचन करते हैं। दिगम्बर अवस्था मे प्रत्येक मौसम मे रहना, सम्पूर्ण देश मे पैदल प्रवास, 24 घन्टे मे केवल एक बार ही अन्न, जल लेना सभी दिगम्बर मुनियो की दिनचर्या मे शामिल है। बालो को उखाड़ने से होने वाला कष्ट एक तप है।
इस तपश्चर्या के समय सभी गुरू भक्त णमोकार महामंत्र का सामूहिक उच्चारण कर रहे थे।
हिमांशु जैन, सुधीर जैन, तरूण जैन, सजींव जैन, मनीष जैन,जतिन जैन,प्रदीप जैन ,रेखा जैन, प्रगति जैन, नीता जैन, गरिमा जैन, नीता जैन, विनोद बाला जैन, मंजू जैन, सुदेश जैन,सुरभि जैन, डोली जैन आदि उपस्थित थे।






























