हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : गणेश चतुर्थी और नवरात्रों को देखते हुए प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। गंगा को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए प्रशासन ने गणपति की मूर्तियों का गंगा में विसर्जन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए गांव अठसैनी व दौताई के पास निकल रही मध्य गंगा नहर में विसर्जन कराने की बात कहीं है। जहां गांव अठसैनी व दौताई के पास मध्य गंगा नहर में विसर्जन किया जा सकेगा। वहीं अगर कोई श्रद्धालु बृजघाट पर पहुंच जाता है तो मूर्ति विसर्जन को गंगा किनारे नगर पालिका द्वारा बनाए गए गड्ढों में विसर्जन किया जा सकेगा।
बता दें कि गढ़मुक्तेश्वर के एसडीएम अरविंद द्विवेदी का कहना है कि मूर्तियों को बनाने में कई केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। गंगा में विसर्जन करने से यह केमिकल जल में मिल जाते हैं जिससे प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है। गणेश महोत्सव और नवरात्र के बाद होने वाली मूर्ति विसर्जन को गंगा में करने पर रोक लगा दी गई है। अब गंगा में कोई भी मूर्ति विसर्जन नहीं कर सकेगा। भक्तों की आस्था को देखते हुए प्रशासन ने गंगा नगरी से चंद किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव अठसैनी व दौताई के पास निकल रही मध्य गंगा नहर में विसर्जन कराने की व्यवस्था की है। गंगा नगरी में मूर्ति विसर्जन पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध के बोर्ड भी प्रशासन द्वारा लगा दिए गए हैं। लेकिन अगर कोई श्रद्धालु मूर्ति लेकर ब्रजघाट पहुंचता है तो वह नगर पालिका द्वारा बनाए गए गड्ढों में मूर्ति का विसर्जन कर सकता है।
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