
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): शासन ने हापुड़ नगर पालिका को बी और पिलखुवा नगर पालिका को सी श्रेणी में रखा है। इसका मुख्य कारण नगर पालिकाओं का सीमा विस्तार न होना है। ऐसे में हापुड़ में कर निर्धारण अधिकारी का पद नहीं रहेगा। इसके स्थान पर टैक्स निरीक्षक का पद रह जाएगा। वहीं पिलखुवा में कर निर्धारण अधिकारी और टैक्स निरीक्षक का पद खत्म कर राजस्व निरीक्षक ही रह जाएंगे। अब दोनों नगर पालिकाओं को शासन से मिलने वाला बजट भी घट जाएगा। एक समय ऐसा था जब हापुड़ नगर पालिका की गिनती प्रदेश की महत्वपूर्ण पालिकाओं में होती थी।
शासन स्तर से पिछले दिनों प्रदेश की सभी पालिकाओं के लिए सर्वे कराया गया था। इसके बाद नगर निकायों की श्रेणियों में बदलाव करते हुए शासन स्तर से अधिसूचना जारी की गई है। नए नियम के कारण जिले की कोई भी नगर पालिका अब ए श्रेणी में शामिल नहीं हो सकती है। जनसंख्या के आधार पर तय हुई श्रेणी शासन से जिला मुख्यालय में जनसंख्या के आधार पर नगर निकायों की श्रेणी तय की गई है जबकि पहले ऐसा नहीं था। हापुड़ नगर पालिका की जनसंख्या तीन लाख से कम होने पर इसे बी श्रेणी में रखा गया है जबकि लंबे समय से यह पालिका ए श्रेणी में थी। बी और सी श्रेणी में दोनों नगर पालिकाओं के पहुंचने से बजट, संसाधनों व सुविधाओं पर भी असर पड़ेगा।























