दाल के जमाखोरों पर सरकार की तिरछी नजर
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): दालों के दामों में बेतहाशा तेजी से सरकार की आंखें खोल दी है। अब सरकार ने तेजी को रोकने के लिए अनेक कारगर कदम उठाए है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मंडियों में दाल अरहर, उड़द, मसूर, चना का बड़े पैमाने पर कारोबार होता है। अकेले हापुड़ में ही जमाखोरों व मुनाफाखोरों के गोदाम दालों में भरे पड़े है। एक-एक गोदाम में करोड़ो रुपए दाल भरी पड़ी है।
उत्तर प्रदेश में दालों की जमाखोरी को रोकने तथा मूल्य वृद्धि को लेकर योगी सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग के आला अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं। दाल कारोबारियों को पोर्टल पर साप्ताहिक स्टाक की घोषणा करनी होगी।
खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से घोषित संशोधित स्टाक लिमिट को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए दाल के कारोबारियों का निरीक्षण एवं सत्यापन कराया जाए। इसके अलावा जो व्यापारी अभी तक • पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं है, उनका तत्काल रजिस्ट्रेशन कराया जाए। साप्ताहिक स्टॉक की घोषणा: आलोक कुमार ने बताया कि सरकार से मिले निर्देश में प्रदेश में कार्यरत डीलर, इम्पोर्टर, मिलर, स्टॉकिस्ट व ट्रेडर से केंद्र सरकार के पोर्टल http:// fcainfoweb.nic.in/psp पर रजिस्ट्रेशन कराते हुए उनसे साप्ताहिक स्टॉक की घोषणा कराने के लिए समय- समय पर डीएम से अनुरोध किया गया है। अद्यतन स्थिति के अनुसार केंद्र सरकार के पोर्टल पर कुल 1,878 दाल के कारोबारी पंजीकृत हैं।
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