कछुआ तस्करी की सूचना पर फॉरेस्ट रेंजर मुकेश चंद्र कांडपाल ने मारा छापा, दो कछुए बरामद
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ के फॉरेस्ट रेंजर मुकेश चंद्रकांड पाल को रविवार की सुबह कछुए की तस्करी से जुड़ा एक इनपुट मिला। सूचना को सटीक मानकर उन्होंने तस्कर को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और अपनी टीम व बाबूगढ़ पुलिस के साथ मिलकर आरोपी के घर दबिश दी। इस दौरान घर से एक जिंदा कछुआ तो एक मृत कछुआ टीम ने बरामद किया। हालांकि छापे की सूचना पर आरोपी मौके से भाग खड़ा हुआ जिसका फॉरेस्ट रेंजर ने काफी दूर तक पीछा किया। आरोपी को पकड़ने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आपको बता दें कि फॉरेस्ट रेंजर ने 13 दिसंबर 2022 में भी दोयमी फाटक के पास से एक मकान में छापा मार कर एक जंगली कछुए और तीन अंडों को बरामद किया था।
सूचना मिलते ही मारा छापा:
वन क्षेत्राधिकारी मुकेश चंद्र कांडपाल के अनुसार रविवार की सुबह करीब 11.25 पर उन्हें फोन पर एक मुखबिर ने सूचना दी कि बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के गांव होशदारपुर गढ़ी में कछुए की तस्करी की जा रही है। इसके बाद उन्होंने सूचना को सही माना और देर किए बिना ही तुरंत डिप्टी रेंजर शशि शेखर शर्मा, वन दरोगा गौरव कुमार गर्ग, वन दरोगा अनुज जोशी, वनरक्षक राहुल सिंह के साथ रणनीति बनाई और स्थानीय पुलिस के सहयोग से गांव में दबिश दी।
घर से मिला एक मृत कछुआ:
चिल-चिलाती धूप में टीम ने जैसे ही आरोपी धारा सिंह उर्फ बिंडू पुत्र हरि सिंह निवासी गांव होशदारपुर गढ़ी के यहां छापा मारा तो उसके घर से बाल्टी में रखा हुआ एक जिंदा व एक मृत कछुआ बरामद हुआ। इस दौरान आरोपी बिंडू मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। बता दें कि आरोपी बिंडू बेहद शातिर किस्म का तस्कर है।
रेंजर ने दूर तक किया आरोपी का पीछा:
आरोपी को दबोचने के लिए वन क्षेत्राधिकारी ने काफी दूर तक आरोपी का पीछा किया जो कि मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। वन अधिकारी ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है।
कछुओं को कब्जे में लिया:
वन विभाग की टीम ने दोनों कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया। मृत कछुए को सील कर बाबूगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया जबकि जीवित कछुए को प्राकृतवास में अवमुक्त करने के लिए अभिरक्षा में ले लिया। साथ ही वन क्षेत्राधिकारी मुकेश चंद्र कांडपाल ने आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 49, 50 व 51 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
नेटवर्क ध्वस्त करके मिलेगा चैन: मुकेश चंद्र कांडपाल:
फॉरेस्ट रेंजर मुकेश चंद्रकांत पाल यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर यह तस्करी के कछुए यहां पहुंचे कैसे? और यह किसे बेचे जाने थे? रेंजर का कहना है कि किसी भी स्थिति में वन्य जीवों की तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि वह जल्द ही तस्करों के इस नेटवर्क को ध्वस्त करके चैन से बैठेंगे।
13 दिसंबर 2022 को भी हुई थी कार्रवाई:
आपको बता दें कि वन विभाग की टीम ने फॉरेस्ट रेंजर मुकेश चंद्र कांडपाल के नेतृत्व में 13 दिसंबर 2022 को भी स्वर्ग आश्रम रोड पर स्थित दोयमी फाटक के पास प्रभा बिहार में एक मकान में छापा मारा था जहां से उन्होंने एक जंगली कछुए और तीन अंडो को बरामद किया था।
दिल्ली की डॉ शूची तनेजा दुआ अब हापुड़ शहर में : 7017732103




























