
किसान पशुओं को हरा चारा खिलाते वक्त रखें यह सावधानी
हापुड, सूवि(ehapurnews.com):जनपद हापुड़ के समस्त पशुपालकों को अवगत कराना है कि वर्तमान में ज्वार, बाजरा, मक्का आदि हरा चारा पशुओं को खिलाये जाने हेतु प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। वर्तमान मौसम में जिन खेतों में यूरिया का प्रयोग ज्यादा मात्रा में किया गया है उनमें बोये गये बाजरे का चारा पशुओं को खिलाये जाने पर नाईट्राइट विषाक्तता होने की संभावना बनी रहती है। नाईट्राइट विषाक्तता के मुख्य लक्षणों में पशुओं के शरीर में तेज कम्पन, हृदय गति बढना, सांस लेने में परेशानी, तीव्र अफरा एवं कम समय में मृत्यु हो जाना है। नाईट्राइट विषाक्तता का एन्टीडॉट मिथाइलिन ब्लू है जो पशु चिकित्साधिकारी के पर्यवेक्षण में प्रभावी पशुओं में प्रयोग में लाया जाता है। मिथाइलिन ब्लू एन्टीडॉट की उपलब्धता जनपद स्तर पर करा दी गयी है।
अतः पशुपालकों को सलाह दी जाती है की वर्तमान में अपने पशुओं को बाजरे के स्थान पर मक्का अथवा ज्वार का चारा भूसे में मिलाकर खिलाना सुनिश्चित करें ताकि पशुओं में नाईट्राइट विषाक्तता होने की संभावना खत्म की जा सके। इस प्रकार के लक्षण पशुओं में परिलक्षित होने की दशा में तत्काल अपने नजदीकी पशु चिकित्साधिकारी से सम्पर्क करें l
एक फोन पर कराएं सीवर सैप्टिक टैंक की मशीन द्वारा सफाई: 9219695264



























