हापु़ड़, सीमन (ehapurnews.com) : जनपद हापुड़ के राष्ट्रिय सैनिक संस्था के पदाधिकारी राष्ट्र व्यापी वेबिनार में शामिल हुए जिसमें बतौर मुख्य अतिथि अन्ना हजारे ने कहा की हम सेना से निवृत हुए हैं सेवा से नहीं। उन्होंने बताया कि किस तरह से रालेगन सिद्धि जो नशे के गर्त में डूब चूका था। उसे उभार कर एक आदर्श गाँव बना दिया गया। यहाँ चैक डेम बनाये गये और वर्षा के पानी को रोका गया। जहां 300 एकड़ में एक ही फसल होती थी वहाँ अब 1200 एकड़ में दो फसल होती है। इसी का उदाहरण लेके उन्होंने कहा की हिन्दुस्तान के प्रत्येक गाँव में ओसतन एक पूर्व सैनिक अवश्य मिल जाएगा। पूर्व सैनिक की जिम्मेदारी रिटायर होने के साथ खत्म नहीं होती बल्कि अधिक बढ़ जाती है।
जब वह सेना में रहता है तो देश को बाहरी युद्ध और आतंकियों से सुरक्षित रखता है और जब वह रिटायर्ड हो जाता है तो देश को आंतरिक सुरक्षा दिलाने की जिम्मेदारी उसे स्वयम ही ले लेनी चाहिए। अन्ना हजारे ने ये भी कहा कि शासन और प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर यदि कम से कम एक पूर्व सैनिक को संवेधानिक स्तर पर शामिल कर दिया जाए तो एक महीने में ही देश का भ्रष्टाचार सूचकांक स्तर कम हो जायेगा। ये आवश्यक नहीं है कि पूर्व सैनिक को मोटा वेतन दिया जाये बल्कि सम्मान के साथ दिया गया मामूली सांकेतिक वेतन भी पर्याप्त होगा। अन्ना हजारे ने निस्वार्थ सेवा, धवल चरित्र, अपमान जज्ब करने की क्षमता, निरंतर प्रयास और इमानदारी पर जौर दिया।
राष्ट्रिय सैनिक संस्था के राष्ट्रिय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने कहा कि आजादी के बाद से ही सरकारों ने सेना को कमतर आंकना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि सोचकर देखिये कि जब भी देश में कोई प्राक्रतिक या कृत्रिम आपदा आती है तो सेना को बुला लिया जाता है और स्थिति नियंत्रण में आ जाती है। उत्तर काशी का भूस्कलन हो, निकोबार की सुनामी हो, कोमन वेल्थ गेम में पुल बनाना हो। उड़ीसा में सूखा पड़ा हो, पश्चिमी बंगाल में बाढ़ आई हो, भुज में भूकंप आया हो या कोई बच्चा 200 फिट गहरे बोर बेल में गिरा हो, ऐसी किसी भी आपदा में सेना को बुलाया गया और मिशन पूरा हो गया।
उन्होंने कहा कि कमाल है 135 करोड़ के हिन्दुस्तान में केवल करीब 14 लाख की फौज जो करीब 15 हजार किमी की सरहद की सुरक्षा भी करे और आपदाओं को भी संभाले। यह इसलिए हो पाता है क्योंकि सेना के प्रत्येक सिपाही के पास कर्तव्यनिष्ठा है। प्रशिक्षण है, अनुशासन है और इमानदारी है। ये सारी चीजे पूर्व सैनिक के पास भी हैं। अब कल्पना कीजिये की यदि शासन और प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर कम से कम एक पूर्व सैनिक को सांकेतिक वेतन पर शामिल कर लिया जाए तो यक़ीनन देश का भ्रष्टाचार सूचकांक एक महीने में आधा रह जायेगा।
आज की वेबिनार में सभी उपस्थित सदस्यों ने और विशेषकर महिलाओं ने अन्ना हजारे के साथ आजीवन समाज सेवा करने का संकल्प लिया और निम्नलिखित प्रस्तावों को न केवल सरकार को भेजने का बल्कि उनपर जमीनी स्तर पर भी काम करने का संकल्प लिया :
- सभी स्कूलों में कम से कम 10+2 स्तर पर प्रारम्भिक सैनिक प्रशिक्षण अनिवार्य हो (ड्राफ्ट सिलेबस संलग्न है)
- शासन और प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर कम से कम एक पूर्व सैनिक को सांकेतिक वेतन पर शामिल किया जाये।
- पंजाब और कश्मीर की सरहद पर पूर्व सैनिको को प्रोत्साहन देकर बसाया जाये ताकि ड्रग स्मगलर और आतंकी हमारी सीमा में न घुस सकें।
संध्या त्यागी, सुनीता भाटिया, डाकटर मधु सिंह, दर्शना कुलकर्णी, पूजा शर्मा, उर्वशी वालिया, प्रोफ़ेसर नीलम पवार, मोनिका त्यागी, अनुरंजना त्यागी, रिच्चा भदोरिया, जयंती बेनर्जी, रमा महाजन, चित्रलेखा, मधु सिंह, सुमन त्यागी, शशिकांत मिश्र, लेफ्टिनेंट कर्नल आर के मिश्र, लेफ्टिनेंट कर्नल एम के सिन्हा, पी पी सिंह, राजिव जोली खोसला, पंकज असाटी, मंजू नमिहार, गौरव सेनानी संजय मोगे, अमरीश तिवारी, कोरवा यूपी के महासचिव जय दीक्षित ज्ञानेंद्र त्यागी सहित अपार संख्या में लोगों ने इस वेबिनार में भाग लिया।




























