हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : तपती गर्मी की परवाह किए बगैर जनपद हापुड़ की जिलाधिकारी मेधा रुपम मंगलवार को गंदे पानी निकासी और यातायात व्यवस्था को देखने के लिए सड़क पर आ उतरी।
जनपद हापुड़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई जिलाधिकारी वह भी महिला, भीषण गर्मी में ए.सी का मोह छोड़ कर जनता की समस्याओं से रु-ब-रु होने के लिए मंगलवार को अफसरों के काफिले के साथ सड़क पर उतर आई।
जिलाधिकारी मेरठ तिराहा पर नाले की खराब हालत को देखकर अधिशासी अधिकारी को नाले के निर्माण की अवधि व सफाई के बारे में जानकारी देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी को ग्राउंड पर जानकारी जुटाते हुए देखकर राहगीरों के कदम भी थम गए. उनके साथ एसडीएम सदर दिग्विजय सिंह भी थे।
जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने हेतु अतिक्रमण हटाने, का भी निर्देश दिया। बता दें कि नगर पालिका परिषद हापुड़ के स्वास्थ्य विभाग, निर्माण व जलकल में बड़े पैमाने पर करोड़ो-करोड़ों के घोटाले है। बिना टेंडर आमंत्रित किए बिना अपने चेहतों को कार्य दिए गए है और नकद भुगतान किए हैं। संविदा कर्मियों के ठेकेदार साहुल बाथम को एक ही वर्ष मे दस करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। संविदा कर्मियों का भौतिक सत्यापन किया जाए तो सारी पोल खुल जाएगी।
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