
स्वयं सहायता समूहों और राजस्व कर्मियों को सिखाए गए आपदा प्रबंधन के गुर
हापुड़,सूवि(ehapurnews.com): जिलाधिकारी हापुड की अध्यक्षता में अटल पार्क तहसील चौराहा हापुड में आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) विषय पर एक दिवसीय वृहद जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सदस्यों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्टेकहोल्डर्स जैसे अध्यापक, राजस्व निरीक्षक, अमीन और लेखपालों एवं अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी अभिषेक पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि आपदाएं अनपेक्षित होती हैं, लेकिन यदि हम पूर्व में ही जागरूक और प्रशिक्षित हो, तो जन-धन की हानि को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सकता है। उन्होंने विभिन्न प्राकृतिक एवं मानव जनित आपदाओं से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत करते हुए बचाव के वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर दिया, साथ ही उन्होनें घरेलू महिलाओं को आम जीवन में घटित होने वाली आपदाओं के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
प्रशिक्षण के दौरान जिला आपदा विशेषज्ञ गजेन्द्र सिंह बघेल ने हापुड़ जनपद की भौगोलिक स्थिति के अनुसार आपदाओं के प्रकार, संवेदनशीलता और राहत कार्यों के सरकारी मानको पर विस्तृत चर्चा की साथ ही आगामी आने वाले गर्म दिनों में बरतने वाली सावधानियों के विषय में चर्चा करते हुए लू-प्रबंधन संबंधी “क्या करें और क्या न करें” के बारे में जानकारी दी।
मास्टर ट्रेनर्स श्री जगवीर सिंह (भूतपूर्व सैनिक) एवं श्रीमती दुर्गेश शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला उन्नति प्रशिक्षण संस्थान गाजियाबाद ने आपदा जोखिम प्रबंधन में महिला स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर महिलाएं कैसे एक प्रभावी फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभा सकती है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील गुप्ता ने बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) के तहत सीपीआर और प्राथमिक उपचार के तरीकों के विषय में जानकारी साझा किया, ताकि अस्पताल पहुँचने से पूर्व घायल की जान बचाई जा सके। आपदा मित्र गगनदीप, आआंचल, हिमानी, पिहू, नीरज, राहुल, पिंटू सिंह, शिवम, अजय एवं विपिन आदि ने ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली सामान्य घटनाओं जैसे सर्पदंश और डूबने से बचाव के व्यावहारिक उपायो की जानकारी दी।
प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) सामग्री का वितरण किया गया साथ ही, प्रशिक्षण स्थल में आपदा प्रबंधन से संबंधित लघु फिल्मों और वीडियो का प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को आपदाओं के दौरान “क्या करें और क्या न करें” की स्पष्ट समझ विकसित हुई।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया, जिसमे सभी ने इस प्रशिक्षण को अत्यत उपयोगी बताया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आपदाओं के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति पर काम करने का संकल्प लिया गया। प्रशिक्षण कार्यकम में मुख्य रूप से मुख्य विकास अधिकारी, हिमांशु गौतम, अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार, जिला आपदा विशेषज्ञ गजेन्द्र सिंह बघेल, सतीश कुमार, दीपक कुमार, योगिराज, नीरज, अंकित, प्रिती एवं अन्य उपस्थित रहे।
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