हापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : हापुड़ की इंद्रलोक कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवे दिन पंडित दाऊदयाल ब्रजवासी जी ने भगवान श्री कृष्ण के अवतरण का वर्णन कर मार्मिक कथा सुनाई। पंडित दाऊदयाल ब्रजवासी जी ने बताया कि कंस के द्वारा भेजी गयी पूतना को कृष्ण भगवान ने अपने बाल अवतार में वध किया और कंस द्वारा भेजे गए अन्य राक्षस अघासुर, भगासुर, सकटासुर का भगवान ने बाल स्वरुप में उद्धार किया।
ब्रजवासी जी ने बताया कि फिर भगवान शंकर, नंद के साथ भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरुप दर्शन के लिए आये लेकिन माँ देवकी ने उनका अमंगल भेस देख कर भगवान कृष्ण के दर्शन नहीं कराये। शंकर जी वहॉं पर आस लगाकर बैठ गए। उस स्थान को आज भी आशैश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है।
श्री कृष्ण का गोपियों संग रास रचाने का वर्णन भक्तों ने सुना। ब्रजवासी जी ने बताया कि इंद्र का श्री कृष्ण ने किस तरह अहंकार तोड़ा। इसके पश्चात भक्तों ने गोवर्धन महाराज की पूजा की। इस अवसर पर पंडित देशराज, पंडित मोहन, पंडित अशोक कौशिक, पंडित जगदीश कौशिक, सोनू , पवन, नीटू , भीमा, सुनील, तरुण, शुभम, प्रेमचंद, प्रीति, शिक्षा, सोनिया, डोली, सविता, लतेश, अंशु, सरोज आदि भक्तगण उपस्थित रहे।
































