जहापुड़, सीमन (ehapurnews.com) : नपद हापुड़ की तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर को मिनी हरिद्वार की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। लेकिन लगता कि यह सिर्फ कागजों में ही विकसित होगी क्योंकि जो दृश्य गंगा पुल का है वह बेहद खतरनाक है। यहां मेन हॉल के खुले ढक्कन से कभी भी अनहोनी हो सकती है और यह अनहोनी भी ऐसी कि जो जानलेवा साबित हो सकती है। पुल पर खुला मेन हॉल का ढक्कन हादसों को न्यौता दे रहा है जहां एक छह वर्ष की बच्ची गिरकर चोटिल हो गई। वो तो मौके पर खड़े लोगों ने किसी तरह बच्ची को तुरंत उठाया।
गंगा पुल को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने करोडों रुपए खर्च कर दिए हैं। बावजूद इसके पुल के गहरे गड्ढे गंगा को झांक रहे है। हल्की सी अनदेखी भी वाहन चालक पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार अफसर मूकदर्शक बने हुए हैं। लोागें का कहना है कि शायद किसी बड़े हादसे के बाद भी अफसर गहरी नींद से जागें। आखिर सवाल यह है कि इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन हैं और कब इसपर कार्रवाई होगी?





























