हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के पौराणिक तीर्थस्थल गढ़मुक्तेश्वर में लगने वाले गढ़-गंगा मेले में विभिन्न कार्यों के टेंडर लेने के लिए ठेकेदारों के न पहुंचने के पीछे जिला पंचायत की लापरवाही सामने आ रही है, जो तथ्यात्मक है।
गढ़-गंगा मेला उत्तरी भारत का प्रमुख मेला है जिसकी व्यवस्था के लिए कोई बड़ा ठेकेदार ही कार्यों की व्यवस्था हेतु ठेका ले सकता है। जिसके लिए विज्ञापन राष्ट्रीय अथवा राज्य स्तरीय समाचार पत्र में दिया जाना चाहिए था, परन्तु जिला पचांयत ने एक क्षेत्रीय अखबार में विज्ञापन देकर इतिश्री समझ ली। जिला पचांयत का यह विज्ञापन एक क्षेत्रीय अखबार में दो अक्तूबर को प्रकाशित हुआ जिसमें मेला क्षेत्र में पचास कार्यों हेतु ठेकेदारों से निविदाएं मांगी गई जिनमें से 46 कार्यो की निविदा लेने के लिए कोई ठेकेदार नहीं आया।
इसके बाद दूसरा विज्ञापन इसी क्षेत्रीय अखबार में 8 अक्टूबर को प्रकाशित कराया गया, जो किसी कारगुजारी से कम प्रतीत नहीं होता है। इस विज्ञापन में अकिंत है कि प्रत्येक कार्य की निविदा 7 अक्तूबर को अपराह्न 12 बजे से पूर्व निर्धारित निविदा मूल्य जमाकर कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। जब विज्ञापन ही 8 अक्टूबर को प्रकाशित हुआ है तो 7 अक्टूबर को ठेकेदार कहां से और कैसे प्राप्त करें। इसलिए कोई ठेकेदार जानकारी के अभाव में निविदा लेने नहीं पहुंचा। सूत्र बताते है कि जिला पंचायत ने अब तीसरी बार ठेकेदार को 15 अक्टूबर को बुलाया है, पता नहीं ठेकेदार कैसे आएंगे। गढ़ गंगा 29 अक्तूबर से 10 नवम्बर तक लगेगा और मुख्य स्नान 8 नवम्बर का हैं। मेले में 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की सम्भावना है।
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