हापुड़, सीमन(ehapurnews.com): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विभिन्न शाखाओं ने गुरुवार को भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती मनाई। इस क्रम में रेलवे पार्क में लगने वाली परमहंस शाखा पर विभिन्न प्रकार के खेल, प्रश्नोत्तरी आदि कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर विभाग व्यवस्था प्रमुख सुधांशु ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाबा साहब का जन्म मध्य प्रदेश इंदौर के महू छावनी में हुआ। उनके पिता का नाम रामजी सकपाल था, जो सेना में सूबेदार थे। अम्बेडकर जी बचपन से ही बड़े मेधावी छात्र थे उनकी प्रतिभा को देखते हुए गायकवाड़ के महाराजा ने डॉक्टर अंबेडकर जी को कोलंबिया विश्वविद्यालय न्यूयॉर्क अमेरिका आगे की पढ़ाई के लिये भेजा।
बाबा साहब व संघ के विचार लगभग एक समान है इसी कारण अंबेडकर जी का कई बार संघ की शाखा व कार्यक्रम में आना हुआ। जब वे मई 1939 में पुणे के संघ शिविर में आए तो कहां – “संघ के स्वयंसेवक एक दूसरे की जाति नहीं पूछते। जातिवाद की भावना यहां सचमुच समाप्त है, ऊंच-नीच, छुआछूत से बिल्कुल दूर। यह बहुत ही आश्चर्यजनक है।
आगे बताया कि संघ के स्वयंसेवक केवल महापुरुषों की जयंती नहीं मनाते बल्कि उनके गुणों को अपने जीवन में उतारने का कार्य भी करते हैं। अतः आज हमें बाबा साहब से प्रेरणा लेकर उनके कुछ-न-कुछ गुण अपने जीवन में उतारने चाहिए। अंत में सभी ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित किये। इस अवसर पर मयूर, अभिषेक, अंकुल, तरुण, रजत, ध्रुव, आदित्य, मोहित, अमित, दीपांशु, हर्ष आदि उपस्थित रहे।
इसी क्रम में नगर पालिका में लगने वाली दयानंद शाखा पर भी जयंती का आयोजन किया गया जहां विभाग सेवा प्रमुख नानक चंद ने अंबेडकर जी के जीवन पर प्रकाश डाला। गजेंद्र, कन्हैया, संदीप, मुकेश आदि उपस्थित रहे।
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