हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की 58,189 ग्राम प्रधानों को एक बहुत बड़ा उपहार देने जा रही है। लंबे समय से चलती आ रही मांगों पर विचार करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों को राहत देने का फैसला किया है। ग्राम प्रधानों को प्रतिमाह दिया जा रहा मानदेय बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही कई अन्य मांगों पर भी विचार होने के बाद अब उन्हें पूरा करने की तैयारी की जा रही है जिसका ऐलान सीएम 5 दिसंबर को ग्राम प्रधान सम्मेलन में कर सकते हैं।
आपको बता दें कि ग्राम पंचायतों में स्थानीय सरकार का कामकाज शुरू हो रहा है जिसके लिए प्रधानों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सरकार ने अब ग्राम प्रधानों की समस्याओं को देखते हुए कई बैठकें की और बैठकों के दौर के बाद छह बिंदुओं पर सहमति बनी है जिसके तहत:-
- गांव में पंचायत प्रतिनिधि कल्याण कोष का गठन करने की तैयारी की जा रही है जिसमें ग्राम प्रधान या सदस्य आदि की किसी हादसे मैं मौत होती है तो कोष से उनके आश्रितों की मदद की जाएगी जिसके लिए सरकार अलग से बजट का प्रावधान करेगी।
- पंचायतों में ग्राम प्रधान को अभी तक दो लाख की स्वीकृति देने का अधिकार है। अब इस दायरे को बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही प्रशासनिक अधिकार भी बढ़ाए जाएंगे।
- जिला योजना में प्रधानों को सदस्य के रूप में प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
- ग्राम प्रधानों को अब प्रतिमाह मिल रहे मानदेय में बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है। फिलहाल 35 सो रुपए प्रतिमाह मानदेय ग्राम प्रधानों को दिया जाता है। इसे जल्द ही बढ़ाया जाएगा।
- गांव के विकास के लिए स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ की सेवा लेने की छूट मिल सकती है।
- मनरेगा के तहत मैटेरियल आपूर्ति ग्राम पंचायत को देने और प्रधानों को मनरेगा के भुगतान का अधिकार देने पर सहमति बनी है।
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