
इन्द्रिय संयम, मन की शुद्धि और विचारो की पवित्रता ही उत्तम ब्रम्हचर्य धर्म है-योगेश जैन शास्त्री
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कसेरठ बाजार पर चल रहे दशलक्षण पर्युषण महापर्व के अन्तिम दिन आज के धर्म उत्तम ब्रम्हचर्य धर्म पर प्रवचन देते हुए सागानेर, मध्य प्रदेश से आए प्रतिष्ठाचार्य योगेश जैन शास्त्री ने कहा कि इन्द्रिय संयम, मन की शुद्धि तथा विचारो की पवित्रता ही उत्तम ब्रम्हचर्य धर्म है। ब्रम्हचर्य केवल शारीरिक संयम नही अपितु मन,वचन,कर्म से विषय वासना से दूर रहकर आत्मा की पवित्रता मे स्थित रहना है।
प्रातःकाल अनन्त चतुर्दशी पर शान्तिधारा अभिषेक तथा भक्तामबर स्रोत विधान मंडल पाठ को योगेश जैन शास्त्री ने सम्पन्न कराया। सगीतज्ञ विकास भारद्वाज ने संगीत दिया।रेणुका जैन के निर्देशन मे जैन धर्म के तीर्थकरो तथा जैन धर्म की शिक्षाओ पर आधारित प्रश्न मंच आयोजित हुआ। सही उत्तर देने वालो को पारितोषिक प्रदान किए गए। कल 26 सितम्बर को नगर मे भव्य जैन रथयात्रा निकाली जायेगी और 27 सितम्बर रविवार को रात्रि मनोहर हैरिटेज मे विराट कवि सम्मेलन आयोजित होगा। जैन समाज के अध्यक्ष सुधीर जैन टपिया, महामंत्री अशोक जैन, कोषाध्यक्ष सुखमाल जैन, संरक्षक अनिल जैन, संरक्षक सदस्य सुधीर जैन, उपाध्यक्ष पुलकित जैन,मंत्री आकाश जैन, अर्चित जैन, विनीत जैन, नितिन जैन, नीरज जैन, सुरेश चन्द जैन,तुषार जैन, राजीव जैन, राजेश जैन, प्रदीप जैन, संदीप जैन, अभिषेक जैन,निखिल जैन, हिमाशु जैन, हर्षित जैन, रेखा जैन, मीनू जैन, प्रभा जैन, बबीता जैन, ऋचा जैन, निशा जैन, मंजू जैन,हिमानी जैन, रूबी जैन, दीपाली जैन, ममता जैन, मगन जैन सहित अनेक जैन भक्त उपस्थित थे।
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