
पुलिस के लिए सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला
हापुड सीमन (ehapurnews.com):उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में बुधवार को पुलिस अधीक्षक हापुड़ कार्यालय के सभागार में ‘विश्व सांकेतिक भाषा दिवस’ के अवसर पर पुलिस अधिकारियों, कर्मियों के लिए सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विश्लेषक के रूप में पधारे देश के जाने माने दिव्यांग विद्, डिसएबल्ड हेल्पलाइन फ़ाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. विकास शर्मा ने कहा कि सांकेतिक भाषा सिर्फ बधिरों की भाषा मात्र नहीं है यह बड़े से बड़े भाव को शांत भाव से कहने और समझने का एक सुंदर माध्यम हैं। क्रिकेट के ग्राउंड पर भरे सोर, बोलने वालों के बीच भी एम्पायर इसी का सहयोग लेते हैं। देश हो चाहे दुनिया बोल चाल कि भाषाएं भिन्न भिन्न हैं लेकिन भावनाओं कि एक ही भाषा होती हैं वो हैं साइन लैंग्वेज यानी सांकेतिक भाषा। देश के मूक बधिर दिव्यांग जनों की जनसंख्या वाला यह वर्ग, इस भाषा को नहीं समझने वाले सामान्य जनों, विभागों विशेषकर मूक बधिरों द्वारा अपनी सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस बल को नहीं समझा पाने के कारण अन्याय और उपेक्षा, उत्पीड़न का शिकार हो जाते हैं। यह भाषा का ज्ञान इस वर्ग के साथ या समक्ष होने वाले अपराधों में सहायक सिद्ध हो सकती हैं।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहें पुलिस अधीक्षक कुँवर ज्ञानंजय सिंह ने साइन लैंग्वेज के तथ्यों को रूचि के साथ जाना। अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार ने भी पुलिस कर्मियों से इस भाषा को सीखने समझने एवं आनलाइन भी नियमित सीखने को रचनात्मक प्रयास करने का आह्वान किया।
इन्हीं सभी विशेष कारणों सरकारों एवं पुलिस विभाग की संवेदनशीलता के कारण आज विशेष सांकेतिक अनुवादक प्रशान्त कुमार के माध्यम से मूक बधिर दिव्यांग जनों के प्रतिनिधियों के समक्ष आज इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर सी ओ अनिता चौहान, पुलिस लाइन से प्रतिसार निरीक्षक चंद्र शेखर यादव, बधिर जनों के प्रतिनिधियों के रूप में महामंत्री मनीष कुमार, रितेश गोयल, गोरव अग्रवाल, रमाकांत सिंह, डी एच एफ से अनिल शर्मा सहित विभिन्न पुलिस अधिकारी जन उपस्थित रहें।
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