
तुरई की खेती से किसान की आय दोगुनी,सुने सफलता की कहानी किसान की जुबानी
हापुड, सूवि(ehapurnews.com):मै श्री उदयवीर सिहं पुत्र श्री सूखा सिहं ग्राम-रहरवा किरावली, वि०ख० गढ़मुक्तेश्वर, जनपद-हापुड़ का निवासी हूँ। मैं अपनी 1.20 है० जमीन पर पहले धान, गन्ना, गेहूँ ज्वार, मक्का, ग्वार, आदि की खेती करता था, जिससे मुझे बहुत कम उत्पादन होता था। इसी समय मेरे गांव में उद्यान विभाग के कर्मचारियों के द्वारा गाँव में खुली बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना में लौकी, करेला, तोरई, भिण्डी शाकभाजी उत्पादन आदि फसलों की जानकारी दी। जानकारी के उपरान्त मैनें उद्यान विभाग के कर्मचारियों के मार्गदर्शन के अनुसार तोरई 1.00 है० हेतु बीज निःशुल्क उपलब्ध कराया गया, जो मेरे द्वारा खेत में रोपित किया गया। मुझे गन्ना, धान, गेहूँ, ज्वार की खेती की अपेक्षा तोरई की खेती से लगभग दो गुना अधिक लाभ प्राप्त हुआ इसी से मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार आया। मैं अपने परिवार का जीवन यापन ठीक से कर पा रहा हूँ। उद्यान विभाग के कर्मचारियों से मेरा अनुरोध है कि मुझे समय-समय पर एकीकृत बागवानी विकास मिशन की खेती की नवीनतम जानकारी देने का कष्ट करें, जिससे आगामी वर्षों में मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार हो तथा गांव के सभी कृषक योजनाओं का लाभ उठा सकें। मैं उद्यान विभाग का आभारी हूँ।
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