हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ के ठेकेदार मनोज कुमार के घर से 22 लाख रुपए गायब होना और फिर दो दिन बाद मिल जाना, साथ ही पुलिस द्वारा रिपोर्ट दर्ज न करना एक रहस्य बना है। यह पूरा मामला मीडिया की सूर्खियां बना है। यदि आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय 22 लाख रुपए के मामले की जांच करे तो रहस्य से पर्दा उठ सकता है।
आईए, आपकों बताते हैं क्या है पूरा मामला- हापुड़ नगर पालिका सहित कई नगर पालिकाओं में बड़े पैमाने पर बिजली का सामान सप्लाई करने वाला ठेकेदार मनोज कुमार हापुड़ की सर्वोंदय कालोनी में रहता है।
बात चार जून की सुबह 9 बजे की है जब पुलिस की गाड़ी नम्बर-112 की घंटी बजने लगी। ठेकेदार मनोज कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके घर के स्टोर में एक बोरी में रखे 22 लाख रूपए गायब है। इस सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बारीकि से सभी तथ्यों की जांच की।
सीसीटीवी फुटेज में यह स्पष्ट दिखाई दे रहा था कि एक व्यक्ति को गेट खोल कर अंदर किया गया है और वह क्षणभर में ही लौट जाता है।
जांच पड़ताल के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि 22 लाख रुपए गायब करने के पीछे परिवार का ही कोई सदस्य है।
6 जून को ठेकेदार मनोज कुमार ने पुलिस को जानकारी दी कि 22 लाख रुपए उसके बेटे ने उसकी मौसी के लड़के को बिना बताए दे दिए थे, जो उसे वापिस मिल गए हैं और वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते। हापुड़ पुलिस ने ट्वीट करके व प्रेस नोट जारी करके यह जानकारी दी है।
नगर पालिका ठेकेदार मनोज कुमार के घर से इतनी मोटी रकम 22 लाख रूपए का होना रह बना है। केंद्रीय प्रत्यक्षकर बोर्ड और ईडी को पूरे प्रकरण की जांच करें,तो सरकार को भारी राजस्व मिलेगा।

























