
गौरव हत्याकांड: गौरव को 2021 से ही सता रहा था जान का खतरा, शस्त्र लाइसेंस की करता रहा मांग
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): जनपद हापुड़ के देहात क्षेत्र में हुई गौरव की हत्या के बाद से लोगों में आक्रोश है। गौरव हत्याकांड के बाद मृतक गौरव के परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2021 में हुए विवाद के बाद से ही गौरव को अपनी जान का खतरा बना हुआ था। खतरे को देखते हुए गौरव ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन वर्ष 2023 में उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
परिजनों का कहना है कि गौरव ने लाइसेंस के लिए जिला मुख्यालय से लेकर मंडलायुक्त कार्यालय तक अधिकारियों के चक्कर लगाए। जब वहां से भी राहत नहीं मिली तो उसने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और प्रार्थना पत्र दाखिल किया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उसे शस्त्र लाइसेंस नहीं मिल सका। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते गौरव की सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाते तो शायद यह वारदात टाली जा सकती थी।
ग्रामीणों का दावा है कि मामले में गौरव की सुरक्षा को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी। पुलिसकर्मियों ने उससे फोन पर संपर्क कर उसकी सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली थी। इसके बावजूद बाद में गौरव की हत्या कर दी गई।
गौरव अपने पिता फतेह सिंह का इकलौता बेटा था। उसकी मौत के बाद पत्नी और दो छोटे बच्चे पीछे रह गए हैं। इकलौते बेटे की मौत से परिवार सदमे में है और पिता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब परिवार आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
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