
अटूट श्रद्धा और भावो की शुद्धि धर्म का मूल है:-मुनि शुभ चन्द्र सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि श्री 108 शुभ चन्द्र सागर जी महाराज ने मंगलवार को प्रातःकाल श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कसेरठ बाजार पर जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए कहा कि अटूट श्रद्धा और भावो की शुद्धि धर्म का मूल है। धर्म के समस्त कार्य पूजन, विधान पाठ,णमोकार महामंत्र का जाप, दान, जीव दया, परोपकार हमारे भावो को शुद्ध तथा पवित्र बनाते हैं।जैन मन्दिर की तीर्थकरो की प्रतिमाओ मे प्राण प्रतिष्ठा होने से तीर्थकर स्वरूप ही नही तीर्थकर ही हैं।पूरी श्रद्धा और विश्वास से इनके सम्मुख की गई याचना अवश्य ही फलदायी होती है। जो मन से पूजा करते हैं पूजा उनको फल देती है पूजा भक्त पुजारी के सब संकट हर लेती है।
महाराज जी तथा पूजा दीदी (दिल्ली) के सानिध्य मे गुरू भक्ति, आरती, प्रश्न मंच का आयोजन हुआ। सही उत्तर बताने वालो को पारितोषिक प्रदान किए गए। जैन समाज के अध्यक्ष सुधीर जैन टपिया, संरक्षक अनिल जैन, महामंत्री अशोक जैन, संरक्षक सदस्य सुधीर जैन उपाध्यक्ष पुलकित जैन, सुरेश चन्द जैन, संदीप जैन, नितिन जैन, मगन जैन, मंजू जैन, कृष्णा जैन, नेहा जैन, सुषमा जैन, प्रतिभा जैन, ममता जैन सहित जैन धर्म के अनेक भक्त उपस्थित हुए।
हापुड़ की विश्वसनीय कपड़ों की दुकान “रामदास मोहनलाल माहेश्वरी बजाज” से खरीदें लहंगा, लेडीज सूट, डिजाइनर साड़ियां, स्टॉल, ज्वेलरी बहुत कुछ: 9927870069


























