
पौष अमावस्या पर कड़कड़ाती सर्दी श्रद्धालुओं की आस्था नहीं डिगा सकी
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): पौष अमावस्या (पितृ) के दिन शुक्रवार को लाखों श्रद्धालुओं ने बृजघाट गंगा तट पर स्नान कर भारतीय व सनातन संस्कृति के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त की। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मां गंगा की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की और गरीबों को भोजन कराया तथा गर्म वस्त्र आदि दान किया।
पौराणिक तीर्थ स्थल गढ़मुक्तेश्वर के बृजघाट गंगा तट पर स्नान करने हेतु पौष अमावस्या से एक दिन पहले गुरुवार को श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट पहुंचना शुरू कर दिया और शुक्रवार को भोर होते ही श्रद्धालुओं का सैलाब गंगा किनारे स्नान हेतु टूट पड़ा। कड़कड़ाती सर्दी भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी। पौष अमावस्या को छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है।
मान्यता है कि पौष अमावस्या के दिन गंगा स्नान कर दान तर्पण और पितृ पूजा 7 जन्मों तक शुभ फल प्रदान करती है। कंबल, ऊनी वस्त्र और अन्न दान करने से पितरों को शांति मिलती है इस दिन गौ सेवा का भी महत्व है।
प्राचीन मान्यताओं और परंपराओं को चिर स्थाई बनाए रखने के लिए श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान, दान आदि करके अपने दायित्व का निर्वाह किया।
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