
हापुड, सूवि (ehapurnews.com): जनपद के विभिन्न सामाजिक संगठनों व एनसीसी से जुड़े छात्र-छात्राओं ने लखनऊ स्थित राज्य आपदा विमोचन बल केंद्र से 12 दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण प्राप्त कर बुधवार को अपने जिले में वापसी की। प्रशिक्षण में उत्साही छात्र-छात्राओं ने लखनऊ में आयोजित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के विशेष प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर आपदा मित्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और बचाव अभियानों की गहन जानकारी प्रदान की गयी।
प्रशिक्षण में एसडीआरएफ के अनुभवी अधिकारियों ने बच्चों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, आगजनी और भवन गिरने जैसी परिस्थितियों से निपटने के उपाय सिखाए। उन्हें प्राथमिक चिकित्सा, सुरक्षित निकासी, राहत सामग्री वितरण और बचाव उपकरणों के प्रयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। इस दौरान बच्चों ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान अर्जित किया बल्कि वास्तविक परिस्थितियों का अनुकरण कर कार्य करने का अनुभव भी प्राप्त किया। छात्रों ने अनुशासन, टीमवर्क और त्वरित निर्णय लेने की कला को आत्मसात किया।
प्रशिक्षण के समापन समारोह के मुख्य अतिथि उपसेना नायक हदेंद्र यादव ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान दी गई सीख केवल आपदा प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने जिले में लौटकर वे आपदा की घड़ी में लोगों की सहायता करेंगे और जरूरतमंदों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उपसेना नायक ने सभी प्रशिक्षुओं को भविष्य में राहत और बचाव कार्यों के लिए शुभकामनाएँ दीं और उन्हें सदैव समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया। प्रशिक्षण प्रभारी अश्वनी मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों को आपदा किट, प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड वितरित किए गए। टीम कमांडर साजिद सैफी ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सुनामी, चक्रवात, सूखा, आकाशीय बिजली, बाढ़, भूकंप, आगजनी और भवन गिरने जैसी परिस्थितियों से निपटने की विस्तृत जानकारी दी गई। इनसे होने वाली जनहानि एवं उसके बचाव के उपायों को भी गहराई से समझाया गया। इसे मौके पर दिपांशु, हिमांशु सैनी, पिन्टू सिंह, निखिल, आंनद, मनोज, सचिन कुमार, राकेश कुमार, विपिन कुमार, शिवम, मोनू कुमार, अजय कुमार, जितेंन्द्र केवट, अभिषेक कुमार, मुकुल कुमार आदि मौजूद रहे।






























