
अध्यक्ष, उ०प्र० गो सेवा आयोग ने श्री पंचायती गोशाला, हापुड़ का किया गया निरीक्षण
हापुड, सूवि(ehapurnews.com ): रविवार को श्री श्याम बिहारी गुप्त अध्यक्ष, उ०प्र० गो सेवा आयोग, लखनऊ के द्वारा जनपद हापुड़ में लाला प्रेमशंकर, पंचायती गोशाला एवं श्री पंचायती गोशाला, हापुड़ का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय श्री संदीप कुमार, अपर जिलाधिकारी, वि०/रा०. हापुड़, डा० ओ०पी० मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, हापुड़, डा० ओमवीर सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सदर हापुड़, डा० अभिलाषा, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, धौलाना, श्री नरेन्द्र अग्रवाल, श्री सुरेश गुप्ता, प्रधान श्री पंचायती गोशाला, हापुड़ एवं गोशाला के पदाधिकारी गण आदि उपस्थित रहे। अध्यक्ष द्वारा श्री पंचायती गोशाला के द्वारा गाय के गोबर से बने उत्पादों यथा- गोबर के लट्ट्ठे, गमले एवं धूपबत्ती का स्थलीय निरीक्षण कर निर्देशित किया गया कि जनपद हापुड़ में 25 लाख गमलों का निर्माण कर गाय के गोबर एवं गोमूत्र का उपयोग करते हुए पेस्टीसाईड/इन्सेक्टीसाईट मुक्त सब्जियों / फल का प्राकृतिक / जैविक उत्पादन किया जाये। किसानों को गाय पालने हेतु प्रेरित किया जाये। प्रत्येक किसान के घर पर गो पालन तथा बायोगैस प्लान्ट से गोबर उत्पादन, गोमूत्र का प्रयोग खेतों में किया जाये ताकि पेस्टीसाईड/इन्सेक्टीसाईट के उपयोग से बंजर हो रही भूमि को बचाया जाये तथा मनुष्य पर हो रहे उसके दुष्प्रभावों के विषय में भी विस्तृत रूप से बताया जाये। गो उत्पादों के निर्माण एवं गोबर तथा गोमूत्र का प्रयोग खेती में करने हेतु वन विभाग, कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग को भी सम्मिलित किया जाये।
श्री सुरेश गुप्ता, प्रधान श्री पंचायती गोशाला, हापुड़ को निर्देशित किया गया कि जनपद हापुड़ में एक ग्राम का चयन कर प्रत्येक घर में गोवंश पालने एवं जीवामृत / वर्मी कम्पोस्ट बनाने हेतु प्रशिक्षण दिलाया जाये। गोवंशों के गोबर एवं गोमूत्र से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण एन०एल०आर०एम० समूहों की महिलाओं को दिया जाये तथा जनपद में अधिक से अधिक गो-उत्पादों का निर्माण एवं विक्रय कराया जाये जिससे महिलाओं की आय में आशातीत वृद्धि होगी एवं आम जनमानस में गोपालन की रूचि उत्पन्न होगी। लाला प्रेमशंकर, पंचायती गोशाला के महामंत्री श्री के०के० गोयल द्वारा मृत गोवंश के अन्तिम संस्कार हेतु पिलखुवा के आस पास भूमि उपलब्ध कराने एवं सिखेडा ग्राम में उपलब्ध गोचर भूमि को गोशाला से टैग करने की मांग की गयी। मा० अध्यक्ष महोदय द्वारा अपर जिलाधिकारी, वि०/रा०, हापुड़ को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया। मा० मुख्यमंत्री जी का विकसित भारत बनाने हेतु गो आधारित प्राकृतिक खेती कर अगली पीढ़ी को रासायनिक उर्वरकों से मुक्त ऑर्गेनिक अनाज उपलब्ध कराने हेतु गो पालन-पोषण पर विशेष बल देने हेतु निर्देशित किया गया है ताकि इन्सेक्टीसाईड के भयानक दुष्परिणामों एवं गम्भीर बीमारियों से बचाव हो सके। विकसित भारत का संकल्प गोमाता के पालन-पोषण के बिना सम्भव नहीं है। अतः अभियान चलाकर प्रत्येक घर में गोवंश पाला जाये तथा गोबर एवं गोमूत्र से बने प्राकृतिक खाद एवं अन्य उत्पादों का व्यापक प्रयोग हो सके।
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