
पर्युषण दशलक्षण महापर्व मे उत्तम आर्जव धर्म पर चर्चा
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): जैन धर्म के पर्युषण दशलक्षण महापर्व के तीसरे दिन नगर के तीनो जैन मन्दिरो मे शनिवार को प्रातःकाल प्रक्षाल शान्तिधारा विधान पाठ आयोजित हुए।
श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कसेरठ बाजार पर प्रतिष्ठाचार्य रोहित जैन शास्त्री ने विधान पाठ की पूजा कराई। दशलक्षण महापर्व के आज के धर्म उत्तम आर्जव धर्म के बारे मे बताया। जैन विद्धान ने कहा कि उत्तम आर्जव धर्म का अर्थ है-हमारी आत्मा का स्वभाव कोमल हमे अपने स्वभाव को कोमल, सरल रखना चाहिए। स्वभाव मे कभी भी कठोरता नही लानी चाहिए। मनुष्य अपने स्वभाव के कारण ही-त्रिय॔च गति,देव गति, मनुष्य गति, नरक गति को प्राप्त करता है। जैन समाज के अध्यक्ष अनिल जैन, महामंत्री अशोक जैन बबीता जैन, संरक्षक सदस्य सुधीर जैन, वन्दना जैन, कोषाध्यक्ष सुखमाल जैन, तुषार जैन, सरोज जैन, सीता जैन, सुषमा जैन,मीनू जैन, प्ररेणा जैन, सपना जैन, विकास जैन, मधु जैन, ममता जैन, ऋचा जैन, प्रतिभा जैन, कविता जैन, सुरेश चन्द जैन, डाo रेखा जैन आदि उपस्थित हुए।
पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर मे आचार्य 108 नमोस्तु सागर जी महाराज के सानिध्य मे विधान पाठ हुआ।
समोशरण दिगम्बर जैन मंदिर शकंर गंज पर भी विधान पाठ आयोजित हुआ।
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