हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): सनातन हिन्दू धर्म में सुहागिन, सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा पति के दीर्घायु, स्वास्थ्य व अखंड प्रेम के लिए रखा जाने वाला करवाचौथ व्रत कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 1 नवम्बर 2023 बुधवार को किया जाएगा। भारतीय ज्योतिष-कर्मकांड महासभा के अध्यक्ष पंडित के0 सी0 पाण्डेय (काशी वाले) ने बताया कि इस बार सायंकालीन प्रदोषकाल पूजन समय में सर्वार्थसिद्धि योग के साथ शिव योग का संयोग होने से अत्यंत शुभ है तथा करवाचौथ पर कोई भद्रा या अशुभ योग नहीं है, करवाचौथ के दिन पूरे दिन निराजल व्रत (बिना पानी पिए) रखकर शाम के समय 16 शृंगार करके भगवान भगवान गणेशजी,शिव-पार्वती व चन्द्रमा की पूजा सुहागिन करती है व करवाचौथ की कहानी पढ़ती व सुनती है चन्द्रमा के उदय होने पर उनको अर्घ्य देकर आरती करती है तथा चलनी से दीपक की रोशनी में चन्द्रमा को देखने के बाद अपने पति को देखती है, पति के हाथों से जल पीकर व्रत पूर्ण करती है व आशीर्वाद लेती है परम्परानुसार पति द्वारा कुछ उपहार दिया जाता है.
पूजन शुभ मुहूर्त –
सायंकाल 6.21 से 8.17 तक स्थिर लग्न, शिव योग, शुभ चौघड़िया
चंन्द्रोदय – रात 8.12 पर
करवाचौथ पूजन सामान में मिट्टी या ताँबे का करवा ढक्कन सहित,चलनी,कलश,करवाचौथ कथा पुस्तक, रोली, कलावा, पान, दूध, दही, अक्षत, मालाफुल, मिठाई,हल्दी, शहद, देशी घी,कोई आभूषण जैसे बिछिया या पायल आदि की आवश्यकता होती है.
करवाचौथ पर कोई भद्रा या अशुभ योग नहीं है.

दिल्ली की डॉ शूची तनेजा दुआ अब हापुड़ शहर में : 7017732103























