स्वयं को खतरे में डाल कर दूसरों को देते है नया जीवन
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): स्वयं को खतरे में डाल कर दूसरों का जीवन बचाने वाले बिरला ही होते है, परंतु पौराणिक तीर्थस्थल गढ़मुक्तेश्वर की मीरा रेती के 55 साल के राजमल केवट ने यह मुमकिन कर दिखाया है और वह अब तक गंगा में डूब रहे 261 लोगों को बचा कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है।
55 वर्षीय राजमल केवट एक कुशल तैराक है और उनकी टीम में मुकेश, भोलू, रोशन, विशाल, पवन, शौराज केवट शामिल है। कुशल तैराकों की यह बृजघाट गंगा तट पर सक्रिय रहती है, जैसे ही किसी के डूबने की खबर आती है तो टीम के सदस्य अपनी जान की परवाह न करते हुए डूबते हुए व्यक्ति को गहरे जल से निकाल लाती है। दशहरा गंगा पर्व पर तैराक टीम ने 11 लोगों को डूबने से बचा कर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है। कुशल तैराक राजमल कैवट बताते है कि वह अपनी टीम के सदस्यों की मदद से इससे पूर्व 250 लोगों को डूबने से बचा सके है। समय-समय पर पुलिस व प्रशासन भी उनकी मदद लेता है। बृजघाट गंगा आरती सभा ने कुशल गौताखोरों की टीम को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया है।
दिल्ली की डॉ शूची तनेजा दुआ अब हापुड़ शहर में : 7017732103
























