हापुड़, सीमन/अशोक तोमर (ehapurnews.com): हापुड़ की न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हापुड़ ने फर्जी मार्कशीट बनाने के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध आशीष कुमार पुत्र विजेंद्र कुमार का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। जमानत प्रार्थना पत्र में आरोपी के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि अभियुक्त से जो कथित फर्जी मार्कशीट बरामद की गई हैं उस संबंध में विवेचक ने संस्थान से कोई पूछताछ नहीं की और ना ही उन लोगों से पूछताछ की है जिन्होंने अभियुक्त को फर्जी मार्कशीट बनाने के लिए बोला था। ना ही किसी तरह के बयान अंकित किए गए हैं। न्यायालय के पूछने पर विवेचक द्वारा कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है।
आपको बता दें कि जनपद हापुड़ के थाना हापुड़ नगर पुलिस ने 21 फरवरी 2023 को एक एफआईआर दर्ज की। यह एफ आई आर पुलिस ने आशीष कुमार पुत्र विजेंद्र कुमार निवासी प्रीत विहार हापुड़ के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 तथा 482 के तहत दर्ज किया। पुलिस ने एफ आई आर में लिखा कि आशीष ने अपना जुर्म पुलिस से सख्ती से पूछने पर कबूल किया और बताया कि वह मार्कशीट कूटरचित तरीके से बनाकर तैयार करता है। एफ आई आर के अनुसार पुलिस ने नकल फर्द बरामदगी के आधार पर अभियुक्त के पास से अर्ध बनी मार्कशीट, कंप्यूटर, प्रिंटर, फोटो स्टेट मशीन इंकपैड, पांच फर्जी मोहर आदि बरामद किया। साथ ही आरोपी की जेब से एक मोबाइल बरामद किया गया जिसमें मार्कशीट से जुड़ी चैट मौजूद थी। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया

मामले में आशीष कुमार की ओर से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र लगाए गया जहां यह बात सामने आई विवेचक ने उस संस्थान से कोई पूछताछ नहीं की जहां की कथित फर्जी मार्कशीट बरामद की गई, ना ही उस व्यक्ति से पूछताछ की गई जिसके साथ मार्कशीट बनाने की चैट फोन में मिली थी, न ही विवेचक ने मार्कशीट को शिक्षण संस्थानों से वेरीफाई कराया। पुलिसकर्मियों के अलावा विवेचक ने किसी अन्य का बयान अंकित नहीं किया। ऐसे में न्यायालय ने निवेशक द्वारा की जा रही विवेचना को अति संदिग्धपूर्ण बताया। साथ ही अभियुक्त की जमानत को स्वीकार कर लिया।
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