हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ की मेरठ रोड पर भारत पैट्रोल पंप से असौड़ा मोड़ तक एचपीडीए ने वर्ष 2015 में 60 लाख रुपए की लागत से स्ट्रीट लाइट लगाई जो अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। बताया जा रहा है कि लाखों रुपए खर्च कर कुछ महीने तक तो यह लाइट जली लेकिन उसके बाद यह लापरवाही के अंधेरे में कहीं गुम हो गई जिसकी वजह से राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। मेरठ रोड पर भारत पैट्रोल पंप से असोड़ा मोड़ तक करीब 32 पोल लगाए गए थे। इस रोड पर डिवाइडर भी नहीं है। इस दिशा में यहां लाइट महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती लेकिन नगर पालिका के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से लाइटें बंद पड़ी है। ऐसे में राहगीरों को रात के समय अंधेरे से होकर गुजरना पड़ता है जिससे हादसों का भी डर रहता है।
हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण द्वारा अवस्थापना निधि से 60 लाख रुपए की लागत से यह स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी जो अब शोपीस बनकर रह गई है। राहगीरों की मांग है कि संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दें। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण के सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि प्राधिकरण ने इन लाइटों को लगवाया था जिसके पश्चात नगर पालिका परिषद हापुड़ को हैंड ओवर कर दिया गया था। लाइटों के रखरखाव आदि की जिम्मेदारी नगर पालिका की है।




























