राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने जिला कार्यालय पर महान क्रांतिकारी अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर फूलमाला तथा पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी तथा साथ ही दो मिनट का मौन धारण कर आजाद को याद किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के जिलाध्यक्ष रितिक त्यागी ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद क्रांतिकारी विचारों के थे और इस वजह से वह उस समय उन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया था। चंद्रशेखर आजाद के विचार आज भी लाखों लोगों को प्रेरणा देते हैं। आज भी उनके विचारों को याद करते हुए हमें उन पर गर्व होता है। चंद्रशेखर आजाद ने कसम खाई थी कि चाहें कुछ भी हो जाए लेकिन वह जिंदा अंग्रेजों के हाथ नहीं आएंगे। इसलिए जब 27 फरवरी 1931 को अंग्रेजों ने इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में उन्हें चारों तरफ से घेर लिया था तो उन्होंने अकेले ही ब्रिटिश सैनिकों से मुकाबला किया। जब उनकी रिवाल्वर में आखिरी गोली बची तो उन्होंने खुद पर ही गोली चला दी, जिससे वह जिंदा न पकड़े जाएं। आजाद को डर था कि अगर वह जिंदा पकड़े गए तो अंग्रेजी हुकूमत को जड़ से मिटाने का उनका सपना अधूरा रह जाएगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय युवा हिंदू वाहिनी के जिला महासचिव अकित सैन, मोन्टी त्यागी, वार्ड पार्षद नितिन पराशर, यश त्यागी, दीपक प्रजापति, आयुष त्यागी, संचित अग्रवाल, विशाल, दीपांशु त्यागी, मनु गर्ग, उमंग, कौशल आदि उपस्थित रहे।




























