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हापुड़, सीमन: आर्य समाज हापुड़ में चल रहे ऋषि बोधोत्सव पर्व पर आर्य बंधुओं को सम्बोधित करते हुए आर्य विद्वान ने कहा कि सत्संग मनुष्य के जीवन को बदल देता है। सत्संग उसे कहते है जहां सत्य पर विचार व्यक्त किए जाते है। केवल गाने-बजाने का नाम सत्संग नहीं है। श्रेष्ठ लोगों के सम्पर्क में रहना सद् ग्रंथों को अध्ययन करना ही सत्संग है। अच्छी संगति मनुष्य को भवसागर से पार करा देती है। इसलिए मानव को प्रतिदिन सत्संग करना चाहिए। इस अवसर पर अनिल आर्य बंधु उपस्थित थे।




























