
डेढ़ वर्ष से कहां थे HPDA के अधिकारी? मोनाड विवि का हॉस्टल पहले क्यों नहीं हुआ था सील?
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण की टीम ने मोनाड यूनिवर्सिटी के एक हॉस्टल के खिलाफ सोमवार को सीलिंग की कार्रवाई की जबकि एक हॉस्टल को एक हफ्ते बाद सील करने की तैयारी है। सवाल यह खड़ा होता है कि 8 नवंबर 2023 को मोनाड के दोनों हॉस्टलों को सील करने के लिए एचपीडीए ने नोटिस जारी किए थे लेकिन अधिकारियों ने हॉस्टल को सील करने की कार्रवाई नहीं की। यह कार्रवाई महज कागजों तक सिमटी रही। डेढ़ वर्ष तक अधिकारी क्या करते रहे, ऐसे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होने की जरूरत है जिससे भविष्य में इस तरह की लापरवाही ना हो।
बताया जाता है कि मोनाड यूनिवर्सिटी में 2020 में दो हॉस्टल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। प्रत्येक हॉस्टल का क्षेत्रफल करीब एक-1000 गज था। उस समय प्राधिकरण की टीम ने परिसर में पहुंचकर नोटिस जारी किया था। उस दौरान डायरेक्टर प्रमोद गोयल के नाम से नोटिस जारी किया था।
प्राधिकरण के अधिकारियों की कार्रवाई महज कागजों तक सिमटी रही। 8 नवंबर 2023 को मोनाड यूनिवर्सिटी के दोनों हॉस्टलों को सील करने के आदेश दिए गए लेकिन अधिकारियों ने सीलिंग की कार्रवाई नहीं की और अवैध रूप से बनें हॉस्टल का इस्तेमाल होता रहा। सोमवार को अधिकारी जब कार्रवाई के लिए पहुंचे थे तो उस दौरान क्षेत्राधिकारी अनीता चौहान, एसडीएम इला प्रकाश व पुलिस बल मौजूद था। तब एसडीएम ने अधिकारियों से सवाल पूछा कि आखिर इतना बड़ा भवन बन कैसे गया तो अधिकारियों ने चुप्पी साथ ली। अब एसटीएफ ने कार्रवाई की है तो प्राधिकरण की नींद टूट गई है। मामले में डेढ़ वर्ष तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए जिससे अधिकारियों पर भी नकेल कसी जा सके। क्या अधिकारियों के साथ कुछ लेनदेन भी हुआ है? यह भी एक सवाल बना हुआ है।
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