
हापुड़, सीमन (ehapurnews.com): भगवान भोलेनाथ के पावन माह का तीसरा सोमवार व्रत पूजन 28 जुलाई को तथा वर्ष का प्रतिक्षित पर्व नागपंचमी 29 जुलाई मंगलवार को मनाई जाएगी जिसमें भक्तजन भगवान शिव व नागों का विशेष पूजन करेंगे। भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित के0 सी0 पाण्डेय काशीवाले ने बताया कि तीसरे सोमवार को परिघ योग एवं रवि योग होने से रोग एवं शत्रुओं से परेशान लोग भगवान भोलेनाथ का विधिवत पूजन कर छुटकारा प्राप्त कर सकते हैं। गंभीर रोग से पीड़ित शहद एवं सरसों तेल से अभिषेक करें तथा काले तिल अवश्य चढ़ाए। साथ ही भगवान शिव को प्रिय शमी पत्र, धतूरा, विल्पत्र सहित अन्य वस्तुए भी चढ़ाए। पंडित के0 सी0 पाण्डेय ने कहा कि श्रावण शुक्ल पंचमी तिथि अर्थात नागपंचमी 28 जुलाई की रात्रि 11.24 बजे से 29 जुलाई की देर रात्रि 12.46 तक रहेगा। शिव योग के साथ रवि योग भी है। नागपंचमी के दिन राहु-केतु ग्रह से पीड़ित या कुंडली में बने कालसर्प दोष की शान्ति हेतु पूजन अवश्य करना चाहिए तथा भोलेनाथ का पूजन कर शिवलिंग पर चांदी अथवा ताँबे के नाग नागिन जोड़े को चढ़ाना चाहिए। इस पूजन के लिए वर्ष का सबसे उत्तम दिन है। धर्म ग्रंथों के अनुसार इस दिन मुख्य दरवाज़े अथवा रसोई के द्वार पर प्रमुख विषधर साँपों का प्रतीक बनाकर पूजन करने से सर्पों का भय नहीं रहता तथा घर के प्रत्येक स्थानों पर दूध -खील या दही-खील सापों के निमित्त ऱखना चाहिए। नागपंचमी के दिन राहु-केतु एवं शिव मंत्रों का अधिकतम जप करने अथवा कराने के साथ भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करने से विघ्न एवं कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन उज्जैन, नाशिक एवं प्रयागराज में कालसर्प शान्ति का विशेष महत्त्व है। वर्ष में मात्र नागपंचमी के दिन खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर उज्जैन में लाखों लोग दर्शन करते है। इसका विशेष पौराणिक महत्त्व है जिसके दर्शन मात्र से राहु केतु पीड़ित को भय मुक्ति मिलता है। 29 जुलाई को मंगलवार होने से मंगला गौरी व्रत भी किया जाएगा।
स्टोर 99 मिनिमॉल मोदीनगर रोड हापुड़ से खरीदें सामान: 8191820867
