
मन ही मानव को सुख दुख की अनुभूति कराता है:-जैन मुनि आचार्य नमोस्तु सागर
हापुड, सीमन/सुरेश जैन (Ehapurnews.com): जैन मुनि आचार्य नमोस्तु सागर जी महाराज ने मगंल वार को मेरठ रोड पर नमोस्तु भवन पर जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए कहा कि मनुष्य तन,मन,धन से दुखी रहता है, तन और धन के दुख को तो दूर किया जा सकता पर मन का दुख दूर करना कठिन है, मन ही मनुष्य को सुख दुख की अनुभूति कराता है। मन दो शब्दो से मिलकर बना है।
‘म’ मन की वेदी पर भगवान को बैठा लिया जाए तो वह मोक्ष गति करा देता है। ‘न’ मन को राग-द्वेष, विकारो मे लगा दिया जाए तो वह नरक मे ले जाता है।
मन मनुष्य के जीवन का निर्माण करता है, मन के अन्दर ध्यान मे उतरकर हम ऊपर उठते चले जाते हैं हमारा जीवन महान बनता जाता है। सन्त मन को साधने की युक्ति बताते हैं।सन्त भक्त की भक्ति से प्रभावित होते हैं घर मे सन्तो के चरण पड़ने से घर मन्दिर बन जाता है। गुरुभक्ति कार्यक्रम मे जैन धर्म की शिक्षाओ तथा जैन तीर्थो पर आधारित 10 प्रश्न आचार्य नमोस्तु सागर जी ने उपस्थित जैन भक्तो से पूछे, सही उत्तर देने वालो को पारितोषिक प्रदान किए गए। गुरू भक्त सुधीर जैन टपिया,सुधीर जैन टप्पू, मनीष जैन, प्रदीप जैन, अनिल जैन, सुशील जैन, सुरेश चन्द जैन पत्रकार आर के जैन एडवोकेट, बीनू जैन एडवोकेट, गौरव जैन, प्रभा जैन, रेखा जैन, शिप्रा जैन, श्वेता जैन, पंकज जैन, पुलकित जैन, अशोक कुमार जैन आदि उपस्थित थे।
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