
भगवान को सब जानना तो चाहते हैं पर उसकी मानना नही चाहते-आचार्य नमोस्तु सागर
हापुड, सीमन /सुरेश जैन (Ehapurnews.com): दिगम्बर जैन मुनि 108 आचार्य नमोस्तु सागर जी महाराज ने बृहस्पतिवार को नमोस्तु भवन पर चमत्कारिक भव्य अराधना जैन साधको को कराई, श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, मेरठ रोड पर शान्तिधारा के बाद आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर कसेरठ बाजार पहुंचे
मुनिराज ने जैन भक्तो को प्रवचन देते हुए कहा कि हमे दुर्लभ मानव शरीर और जैन उत्तम कुल प्राप्त हुआ है भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर तक 24 तीर्थकरो का ज्ञान, तप, शिक्षाए मिली हैं। हम भगवान को जानना तो चाहते हैं पर उसकी बातो को मानते नही। आत्मा का कल्याण धर्म को केवल जानने से नही जीवन मे अपनाने से होगा। जैन आगम व दर्शन मे 6 लेछाये, 14 गुण स्थान हैं।शुभ और अशुभ लेछायें हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं,रावण के पास सब कुछ होते हुए भी अशुभ लेछाओ के कारण उसका जीवन बर्बाद हो गया।अपनी प्रशंसा सुनने वाला धर्म से बहुत दूर है,अपनी बुराई सुनने वाला ईश्वर के निकट है,श्वेत, पीले, केसरिया वस्त्र पहनना हमारे भावो को प्रभावित करते हैं।मनुष्य को अच्छी बाते देर से समझ आती हैं।रचना दीदी ने कहा कि बच्चो को धर्म के संस्कार देने चाहिए, धर्म से जुड़ा मनुष्य अपना और दूसरो का कल्याण करता है।मुनि जी की आहार चर्या गुरू भक्त अशोक कुमार जैन के आवास पर हुई। गुरू भक्त सुधीर जैन टप्पू, अनिल जैन, सुधीर जैन टपिया, अशोक कुमार जैन, सुरेश चन्द जैन, सुधीर जैन संरक्षक सदस्य, सुशील जैन, पुलकित जैन, राजीव जैन,प्रदीप जैन, तरूण जैन, तुषार जैन, पंकज जैन,संदीप जैन, राजेश जैन, मनीष जैन, मनीषा जैन, मीनू जैन, विनोद बाला जैन, रेखा जैन, गरिमा जैन, प्रगति जैन, सुबोध जैन, सीता जैन, सुनील जैन, आर के जैन एडवोकेट, बीनू जैन एडवोकेट,नरेश मिश्रा, ओमप्रकाश, महेन्द्र कुमार, शशी गोयल सहित अनेक भक्त उपस्थित थे।
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